नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विजन डॉक्यूमेंट: कुल्लू में भांग की खेती के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी
चंडीगढ़, 26 सितंबर (आईएएनएस)। देश में नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से जारी विजन डॉक्यूमेंट (2026–29) अभी लागू है। इसके तहत एनसीबी, आईटीबीपी, हिमाचल प्रदेश पुलिस और वन विभाग एक साथ मिलकर कुल्लू में संयुक्त अभियान चला रहे हैं, ताकि नशीले पदार्थों की सप्लाई के स्रोतों का पता लगाया जा सके और अवैध भांग की खेती के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
दरअसल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), हिमाचल प्रदेश पुलिस और हिमाचल प्रदेश सरकार के वन विभाग का एक संयुक्त अभियान कुल्लू जिले के दूर-दराज और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भांग के पौधों की अवैध खेती की पहचान करने और उसे नष्ट करने के लिए चलाया जा रहा है।
यह अभियान नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विजन डॉक्यूमेंट (2026–2029) को आगे बढ़ाने के लिए है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून को नई दिल्ली में आयोजित नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक के दौरान जारी किया था।
यह विजन डॉक्यूमेंट, जो 'नशा मुक्त भारत' की दिशा में रोडमैप तैयार करता है, जिसके तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियों द्वारा अवैध खेती को खत्म करने के लिए मिलकर काम करके उत्पादन के स्तर पर ही नशीले पदार्थों को रोकने पर जोर देता है।
इसके लिए संयुक्त टीमें मुश्किल पहाड़ी इलाकों में काम कर रही हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया को जियो-टैग किया जा रहा है और फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के जरिए उसका रिकॉर्ड रखा जा रहा है। अभियान पूरा होने पर वन विभाग विनाश का प्रमाण-पत्र जारी करेगा। वहीं, खेती के लिए जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ एनजीपीएस एक्ट, 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान जारी है और आने वाले दिनों में नष्ट करने के लिए और इलाकों की पहचान की जा रही है। इसी के साथ आम जनता से अनुरोध है कि वे मानस नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल-फ्री 1933) के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में जानकारी साझा करें। जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
--आईएएनएस
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