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नशे के खिलाफ लड़ने के लिए सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब-हरियाणा के सिंगर्स से की मुलाकात

 

चंडीगढ़, 15 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाब और हरियाणा की सरकारें मिलकर दोनों राज्यों में नासूर बन रहे नशे के खिलाफ मिलकर अभियान चला रही हैं। पंजाब में 'पिंडां दे पहरेदार' मुहिम काफी समय से चल रही है और गली-गली जाकर जिला अध्यक्ष समेत कई सरकारी विभागों के अधिकारी युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं।

अब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा और पंजाब राज्य के सिंगर्स से मुलाकात की है और नशे के खिलाफ अभियान चलाने में सहयोग मांगा है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के फेमस सिंगर महिंदर बुट्टर और हरियाणा के कुछ कलाकारों से मुलाकात की। बातचीत का सिलसिला लंबा चला।

मुलाकात के बाद फेमस सिंगर महिंदर बुट्टर ने बताया कि सीएम का नेचर बहुत अच्छा है और हम सब की लंबी बातचीत हुई। बातचीत का सार यह था कि हरियाणा इंडस्ट्री के लिए क्या व्यापक कदम उठाने हैं और हरियाणा एवं पंजाब में बढ़ रहे नशे को रोकना है। उन्होंने आगे कहा कि हम सभी साथी कलाकार अच्छा लिखें और अच्छा गाएंगे। मेरी बाकी कलाकारों से भी अपील है कि ऐसा कुछ लिखें जिससे युवाओं के बीच संदेश आए और वे नशे की बुरी लत से दूर रहें।

एक अन्य पंजाबी सिंगर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में नशा तेजी से फैल रहा है और इसे रोकने के लिए हमें ऐसे गाने बनाने हैं जो समाज का भला कर सकें। हमें युवा फॉलो करते हैं और हमारा फर्ज बनता है कि इस मुहिम में हम सरकार का साथ दें।

हरियाणा से आए सिंगर ने बताया कि पिंजोर में जल्द ही फिल्म सिटी बनने वाली है जिससे हरियाणा इंडस्ट्री को बड़ा सहयोग मिलेगा। सीएम नशे को लेकर काफी चिंतित हैं और उन्होंने हमसे ऐसे गाने बनाने के लिए कहा है जो युवाओं को नशे से दूर रख सकें।

बता दें कि नशे की आग से हरियाणा और पंजाब दोनों ही धधक रहे हैं और इसकी जड़े जम्मू-कश्मीर तक फैली हैं, जहां ड्रग्स से लेकर कोडीन को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में लगातार नशे से जूझने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है। हरियाणा के सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार साल 2025 में प्रदेश में 18 हजार 847 युवा नशे से जूझ रहे हैं। इसमें से 11 हजार 558 नशा पीड़ितों का इलाज अलग-अलग उपचार केंद्रों पर चल रहा है। पंजाब और हरियाणा सरकार के लिए नशा इस वक्त की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है, जिससे निपटने के लिए समय-समय पर कदम उठाए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएस/डीकेपी