‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के सशक्तीकरण का नया अध्याय
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 21वीं सदी का एक अहम और ऐतिहासिक निर्णय है। यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के बहुत करीब है। एक ऐसा इतिहास, जो अतीत के संकल्पों को साकार करेगा और भविष्य के सपनों को पूरा करेगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ खेल, कला, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख महिलाएं शामिल हुईं। आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अन्नपूर्णा देवी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने आज ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में देश की समस्त महिलाओं को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में खेल, कला, शिक्षा, चिकित्सा समेत समाज के हर क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं।
उन्होंने कहा कि हमारी आधी आबादी जो लंबे समय से संघर्ष कर रही है, उसे नया स्थान मिल सके। 2029 में महिलाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित हो, इसके लिए हम अपील करते हैं कि सभी अपना योगदान दें।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि 2023 में नए संसद भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया गया था। इसके तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। नारी तो हमेशा वंदनीय रही है और हर क्षेत्र में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। 16 अप्रैल से बुलाया गया विशेष सत्र महिलाओं के लिए उत्सव का दिन होगा। इससे महिलाओं की भागीदारी और बढ़ेगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिल को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि आज पूरे देश की महिलाएं बहुत खुश हैं। यह प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है और मैं उनके प्रति तहेदिल से आभार व्यक्त करती हूं।
उन्होंने कहा कि इस बिल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमें सभी को एकजुट होकर सहयोग करना चाहिए। जब परिवार की महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो वे पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को आगे ले जाती हैं। हम सबको इस बिल को साकार करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
कथक नृत्यांगना शोभना नारायण ने कहा कि हमारी सभी महिलाएं प्रतिभाशाली और सक्षम हैं। उन्हें अवसर मिलेंगे, जिससे उन्हें मानसिक संबल, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति प्राप्त होगी। वे अपनी क्षमताओं के बल पर योगदान दे पाएंगी और इससे न केवल छोटे समुदायों को, बल्कि पूरे समाज को और समग्र रूप से भारत को लाभ होगा।
ज्योतिषाचार्य जय मदान ने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे राष्ट्रगान में भी हम मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी का जिक्र करते हैं। इसलिए हमारी संसद में भी समानता होनी चाहिए। मुझे लगता है कि 33 फीसदी आरक्षण से शुरुआत करना एक सकारात्मक और सही कदम है।
--आईएएनएस
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