नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया, वीडियो में जाने देशभर में विवाद भी छाया
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 10 जून को इतिहास रचते हुए सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मोदी ने 26 मई 2014 को पीएम पद की शपथ ली थी और अब उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के नाम था, जिन्होंने 4398 दिनों तक देश की सेवा की थी।प्रधानमंत्री मोदी का यह लगातार तीसरा कार्यकाल है और इस उपलब्धि के चलते पूरे देश में उनके समर्थकों और पार्टी नेताओं में उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के नेता, सांसद और केंद्रीय मंत्री विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना और हवन कर मोदी के स्वास्थ्य और लंबी सेवा की कामना कर रहे हैं।
हालांकि, इस उपलब्धि पर राजनीतिक विरोध भी देखने को मिला। कांग्रेस (Indian National Congress) ने मोदी के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह “खुद से घोषित और संदिग्ध तरीके से गढ़ी गई उपलब्धि” है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के लोकतंत्र के लिए एक चुनौती बन गए हैं और उनके कार्यकाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी “भारत के गले में चक्की का पत्थर बन गए हैं” और उनकी नीतियों के कारण जनजीवन पर दबाव बढ़ा है।
विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड ने राजनीतिक परिदृश्य में नई बहसें और विवाद खड़ा कर दिया है। उनके समर्थक इसे देश की स्थिरता और विकास के संकेत के रूप में देखते हैं, जबकि विरोधी इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर केंद्रित नियंत्रण और आलोचना के रूप में देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कोई व्यक्तिगत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वह देश के विकास, आर्थिक सुधार और सामाजिक कल्याण के एजेंडे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मोदी समर्थकों का मानना है कि उनका लगातार तीसरा कार्यकाल भारतीय राजनीति में स्थिरता और अनुभव का प्रतीक है।
इस उपलब्धि को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच तीखी बहस जारी है और आने वाले दिनों में इसे लेकर मीडिया और संसद में भी चर्चा होने की संभावना है। मोदी के रिकॉर्ड ने न केवल उनके समर्थकों को उत्साहित किया है, बल्कि विपक्ष के लिए चुनौती भी पेश की है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते रहें।कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी के 4399 दिन पूरे होने की यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ती है। इसके साथ ही यह स्पष्ट करती है कि भारत में सत्ता और राजनीतिक समर्थन के केंद्र में मोदी का प्रभाव कितना मजबूत है, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक दृष्टि से चुनौती मान रहा है।