बंगाल उपचुनाव से पहले ममता गुट को झटका, वीडियो में जाने नंदीग्राम की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया
पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को झटका लगा है। उपचुनाव से 18 दिन पहले नंदीग्राम सीट से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। संचिता ने नामांकन वापस लेने को लेकर एक पत्र भी जारी किया है। उनके इस फैसले के बाद नंदीग्राम सीट पर ममता गुट की चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी ने 13 सितंबर को नंदीग्राम विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, नामांकन वापस लेने से पहले संचिता की बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबर सामने आई थी। इसके बाद उनके नामांकन वापस लेने के फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। संचिता ने अपने पत्र में नामांकन वापस लेने की जानकारी दी है।
रेजीनगर से उम्मीदवार मैदान में
ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भी उम्मीदवार की घोषणा की थी। रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी मैदान में बने हुए हैं। फिलहाल उनके नामांकन वापस लेने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में उपचुनाव में ममता गुट की ओर से रेजीनगर सीट पर मुकाबला जारी रहेगा।
क्यों खाली हुईं दोनों सीटें?
नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खाली करने के बाद रिक्त हुई थी। व, रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में नामांकन वापसी की प्रक्रिया के दौरान नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे का पीछे हटना चुनावी समीकरण में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर भी विवाद
पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है।
इससे पहले चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पार्टी के मूल ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। चुनाव आयोग की ओर से की गई यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है। मूल पार्टी नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।अब नंदीग्राम से ममता गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद मुकाबले की तस्वीर बदल गई है। वहीं रेजीनगर में रबीउल आलम चौधरी के मैदान में बने रहने से वहां ममता गुट का चुनावी अभियान जारी रहेगा। दोनों सीटों के परिणाम 9 अक्टूबर को सामने आएंगे।