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'ग्रामीण विकास एवं सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित जीवन', नानाजी देशमुख की जयंती पर नेताओं ने किया नमन

 

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य नानाजी देशमुख की जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने याद करते हुए नमन किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, "भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, 'राष्ट्रऋषि', 'भारत रत्न' नानाजी देशमुख की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। ग्रामोदय, स्वावलंबन एवं अंत्योदय को राष्ट्र निर्माण का आधार मानकर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, ग्रामीण विकास एवं सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके महान विचार हमें समतामूलक एवं 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, "महान राष्ट्रसेवक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! राष्ट्रसेवा और समाज उत्थान के लिए समर्पित उनका जीवन ग्रामीण विकास, स्वावलंबन और जनकल्याण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का प्रेरक उदाहरण है। ग्रामोदय के माध्यम से राष्ट्रोदय का उनका विचार और समाज के लिए उनका समर्पण सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा।"

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर पोस्ट किया, "जनसंघ के संस्थापक सदस्य, राष्ट्रऋषि एवं ‘भारत रत्न’ नानाजी देशमुख की जयंती पर कोटिशः नमन। अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और समाजोत्थान के लिए समर्पित करने वाले उन्होंने ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान की। चित्रकूट में ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ की संकल्पना को साकार कर उन्होंने सिद्ध किया कि सशक्त गाँव ही समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं। आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। सेवा, संस्कार और समर्पण पर आधारित उनके आदर्श हमें जनकल्याण एवं राष्ट्रनिर्माण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, "राष्ट्रऋषि, प्रखर समाजसेवी एवं ‘भारत रत्न' नानाजी देशमुख की जयंती पर कोटिशः नमन। संघ के संस्कारों में रचे-बसे नानाजी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रकार्य, समाजसेवा और अंत्योदय के संकल्प को समर्पित किया। सत्ता के स्थान पर सेवा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने चित्रकूट की धरती पर ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को साकार किया। उनका जीवन संगठन, स्वावलंबन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति निःस्वार्थ समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और कार्य पीढ़ियों तक राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा देते रहेंगे।"

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में कहा, "दूरदर्शी विचारक, 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' के संकल्प को मूर्त रूप देने वाले, असंख्य कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत 'भारत रत्न,' राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की जयंती पर उनके चरणों में कोटिश: नमन अर्पण करता हूं! 'हम अपने लिए नहीं, अपनों के लिए हैं; अपने वे हैं, जो पीड़ित एवं उपेक्षित हैं।" आपका यह प्रेरक मंत्र हम सभी को सदैव अंत्योदय के ध्येय की प्राप्ति और माँ भारती की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।"

--आईएएनएस

ओपी/एएस