महिला किसानों की आय बढ़ाने में मददगार बनेगी नमो ड्रोन दीदी योजना, जानिए कैसे मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार और लाभ
केंद्र सरकार हाई-टेक समाधानों के साथ भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कोशिश के तहत, ग्रामीण महिलाओं और महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाने के लिए 'नमो ड्रोन दीदी योजना' शुरू की गई है। यह योजना न केवल महिला किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि खेती के पारंपरिक तरीकों को भी पूरी तरह से बदल रही है।
इस पहल के तहत, महिलाओं को खेतों में कीटनाशक और उर्वरक (खाद) छिड़कने के लिए आधुनिक ड्रोन चलाने का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। यह बेहतरीन पहल ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के लिए रोजगार के नए और फायदेमंद अवसर पैदा कर रही है, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
सरकार की ओर से बड़ी सब्सिडी
इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि महिलाओं या उनके समूहों को ड्रोन खरीदने का पूरा खर्च खुद नहीं उठाना पड़ता है। सरकार ड्रोन और उसके पुर्जों की खरीद पर 80% तक की भारी सब्सिडी देती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹8 लाख है। इसके अलावा, बाकी रकम का इंतजाम बहुत आसान किश्तों वाले बैंक लोन के जरिए किया जा सकता है।
मुफ्त प्रशिक्षण
आर्थिक मदद के अलावा, चुनी गई महिलाओं को ड्रोन उड़ाने और कृषि में छिड़काव करने का 15 दिन का व्यापक विशेष प्रशिक्षण कोर्स बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें आधिकारिक ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट मिलता है।
ड्रोन तकनीक के फायदे
कृषि में इस शानदार ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से किसानों का काम काफी आसान और सुरक्षित हो गया है। जिन कामों में पहले घंटों की मेहनत और खाद के इस्तेमाल पर बहुत खर्च आता था, वे अब ड्रोन की मदद से सिर्फ 10 से 15 मिनट में बहुत सटीकता से पूरे किए जा सकते हैं। इससे पानी, समय और महंगे कृषि रसायनों की काफी बचत होती है।
संभावित कमाई
कमाई की बात करें तो, प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, ये 'ड्रोन दीदियां' अपने और आस-पास के गांवों के खेतों में किराए पर ड्रोन चलाकर आसानी से ₹15,000 से ₹25,000 तक की अतिरिक्त मासिक आय कमा सकती हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।