नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन चुकी है : आलोक सिंह
कैमूर, 1 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रदेश अध्यक्ष एवं दिनारा विधायक आलोक सिंह ने मां भलुनी भवानी महोत्सव, बिहार म्यूजियम की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि और इंडी गठबंधन की रैली को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जहां मां यक्षिणी भवानी मंदिर में महोत्सव के आयोजन की घोषणा को क्षेत्र के लोगों की आस्था का सम्मान बताया, वहीं बिहार म्यूजियम की उपलब्धि को राज्य में हुए विकास का परिणाम करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इंडी गठबंधन की राजनीति को नकारात्मक सोच से प्रेरित बताया।
विधायक आलोक सिंह ने कहा कि दिनारा विधानसभा क्षेत्र में मां यक्षिणी भवानी का मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। क्षेत्र के लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी श्रद्धा है। आज भी दिनारा विधानसभा क्षेत्र में किसी परिवार में विवाह होने पर सबसे पहले मंदिर में साड़ी चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है। इससे मंदिर के प्रति लोगों की अटूट आस्था का पता चलता है।
आलोक सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मंदिर में महोत्सव के आयोजन के लिए पहले से प्रयास किए थे। चुनाव लड़ने से पूर्व ही उन्होंने मंच से इसकी घोषणा की थी। मां भवानी के आशीर्वाद से यह प्रयास सफल हुआ है। उन्होंने महोत्सव की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए यहां महोत्सव घोषित किया, जिसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं।
बिहार म्यूजियम के टॉप-10 संग्रहालयों में शामिल होने पर आलोक सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, एनडीए सरकार, प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों का परिणाम है कि बिहार का संग्रहालय एशिया में नंबर वन बना है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में संग्रहालय, सड़क, अनुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर ऐसी सकारात्मक चर्चा नहीं होती थी। एनडीए की केंद्र तथा राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से बिहार में सर्वांगीण विकास हुआ है। बिहार म्यूजियम की उपलब्धि इसी विकास की एक मिसाल है।
इंडी गठबंधन की रैली को लेकर विधायक ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बड़े नेता हैं, लेकिन उन्हें जमीनी हकीकत को समझना चाहिए। हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों के नतीजे सामने हैं। जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो चुनाव आयोग अच्छा होता है, लेकिन हारने पर उसी पर सवाल उठाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह अधिकार नहीं है कि उनके बयानों और राजनीतिक कार्यक्रमों से व्यापारियों तथा आम लोगों को नुकसान पहुंचे। दीपावली जैसे त्योहार के समय व्यापारियों के लिए कारोबार महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पहले रैली और बाद में व्यापार करने की बात कहना उचित नहीं है। नकारात्मक सोच इंडी गठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन चुकी है और देश की जनता उसकी राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।
--आईएएनएस
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