×

नाबालिग से दुष्कर्म और दो लड़कियों को ‘कैद’ रखे जाने पर पलामू में आक्रोश सभा, बाबूलाल मरांडी बोले- आरोपियों पर हो कार्रवाई

 

रांची, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को पलामू जिले के पांकी विधानसभा क्षेत्र के सकलदीपा गांव पहुंचकर आदिवासी समुदाय की एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और उसकी दो बहनों को महीनों तक कथित तौर पर ‘कैद’ में रखे जाने की घटना पर कड़ा विरोध दर्ज किया।

उन्होंने पीड़िताओं के परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और इसके बाद फुलवरिया गांव में आयोजित आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया।

मरांडी ने कहा कि इस गांव में मात्र पांच छह आदिवासी परिवार निवास करते हैं, बाकी समुदाय विशेष के लोग हैं। पीड़ित परिवार ने जो घटनाक्रम बतलाया है, वह कहानी काफी दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ फरवरी माह में दुष्कर्म हुआ था। अपराधी के पकड़े जाने के बाद उनके भाई पीड़ित परिवार को धमकी देने लगे। फिर दो-दो लड़कियों को जबरन उठाकर रांची और अन्यत्र जगह ले जाकर महीनों रखा गया। सोचिए, कानून का राज कहां है ? किस प्रकार का यहां आतंक है? उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मरांडी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समूह को किसी दूसरे की धार्मिक या सामाजिक पहचान, रहन-सहन और संस्कृति में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की बेटियों पर पहनावे को लेकर भी दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी दबाव या जबरदस्ती को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे पीड़ित परिवार में कानून के प्रति भरोसा कायम हो। मरांडी ने कहा कि अपराध किसी भी समुदाय या वर्ग के व्यक्ति द्वारा किया गया हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से ऐसे अपराधों की निंदा करने और दोषियों से दूरी बनाए रखने की अपील की। इस दौरान चतरा के सांसद कालीचरण सिंह, पांकी विधायक शशिभूषण मेहता, भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, जिलाध्यक्ष अमित तिवारी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच