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मुजफ्फरपुर में खाद्यान्न योजनाओं की समीक्षा, डीएम ने लापरवाही पर जताई नाराजगी

 

मुजफ्फरपुर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में धान अधिप्राप्ति जिला टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में धान, गेहूं, दलहन अधिप्राप्ति के साथ-साथ मध्याह्न भोजन योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी खाद्यान्न योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में धान अधिप्राप्ति का प्रदर्शन अत्यंत संतोषजनक रहा है। निर्धारित 89,547 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 13,670 किसानों से 89,514.38 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जो कुल लक्ष्य का 99.96 प्रतिशत है। खास बात यह रही कि सभी किसानों को 100 प्रतिशत भुगतान भी किया जा चुका है।

डीएम ने सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति में तेजी लाने का निर्देश दिया और मुरौल, बोचहां, गायघाट, कटरा और साहेबगंज के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को लापरवाही पर चेतावनी दी। उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को पैक्स और व्यापार मंडलों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

गेहूं अधिप्राप्ति की समीक्षा में पाया गया कि संशोधित 6,303 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले अब तक 129 किसानों से 594 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। डीएम ने पंचायत स्तर पर छोटे और सीमांत किसानों से खरीद बढ़ाने पर जोर दिया।

दलहन और मक्का अधिप्राप्ति के लिए भी निबंधन और क्रय केंद्रों के चयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में डीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी विद्यालय में एमडीएम बंद नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि भोजन वितरण में देरी बच्चों के पोषण पर असर डाल सकती है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया और समय पर राशन व केरोसिन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रैल माह का वितरण शत-प्रतिशत पूरा करने और मई माह में तेजी लाने को कहा।

डीएम ने अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया को नियमों के तहत पूरा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।

इसके अलावा, राशन कार्ड निर्गमन में खराब प्रदर्शन करने वाले तीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों का वेतन रोकने का भी आदेश दिया गया।

अंत में डीएम ने स्पष्ट किया कि खाद्यान्न से जुड़ी सभी योजनाएं सीधे जनता, खासकर गरीबों और बच्चों से जुड़ी हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी