×

मुसलमान इबादत और बरकतों के पाक महीने में व्यस्त, ईद का इंतजार

 

दुनिया भर के मुसलमान इस समय इबादत और बरकतों के पाक महीने रमजान 2026 में दिन-रात अल्लाह की इबादत में लगे हुए हैं। इस वर्ष रमजान 19 फरवरी से शुरू हुआ और आज 26 फरवरी को इसका सातवां रोजा है। इस पाक महीने में हर मुसलमान दिन में उपवास रखता है और नमाज, दुआ व कुरान की तिलावत में समय बिताता है।

रमजान का महीना मुसलमानों के लिए आध्यात्मिक शुद्धि और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोग न केवल रोजा रखते हैं, बल्कि दान, मदद और सहानुभूति के माध्यम से समाज में भाईचारा और मानवता का संदेश भी फैलाते हैं। खासकर गरीब और जरूरतमंदों के लिए खाना और मदद मुहैया कराना रमजान का अहम हिस्सा है।

रमजान में रोजे के दौरान सूर्योदय से पहले सहरी की जाती है और सूर्यास्त के समय इफ्तार से रोजा खोला जाता है। यह दिन-रात की इबादत और संयम की प्रक्रिया मुसलमानों के लिए आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत होती है। इसके अलावा, रमजान में तिलावत, दुआ और नाइट प्रेयर (तरावीह) का विशेष महत्व होता है।

इस साल रमजान के बाद आने वाली ईदुल-फितर का भी मुसलमान बेसब्री से इंतजार करते हैं। इसे आमतौर पर 'मीठी ईद' कहा जाता है। ईद के दिन लोग सेवईयां और मिठाईयाँ तैयार करके अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ मिठास बाँटते हैं और बधाई संदेश देते हैं। ईदुल-फितर रमजान के रोजों का अंतिम उत्सव है, जो सभी के लिए खुशी और उल्लास का अवसर लेकर आता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रमजान केवल उपवास का महीना नहीं है, बल्कि यह धार्मिक समर्पण, सहनशीलता और सामाजिक सौहार्द की याद दिलाने वाला महीना भी है। इस पाक महीने में मुसलमान अपने नैतिक मूल्य, संयम और आध्यात्मिक अभ्यास को मजबूत करते हैं।

इस वर्ष रमजान में भी मुसलमानों ने अपनी दैनिक दिनचर्या और कार्य में संतुलन बनाकर इबादत को प्राथमिकता दी है। सोशल मीडिया और स्थानीय समाज में भी रमजान की बरकतों और दान-पुण्य की गतिविधियों की खबरें साझा की जा रही हैं।

रमजान के इस पाक माह के सातवें रोजे तक आते-आते मुसलमान धैर्य, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के महत्व को और बेहतर समझ चुके हैं। आने वाले 23 दिनों में रोजा और इबादत जारी रहेगी, जिसके अंत में ईदुल-फितर की खुशी का माहौल पूरे समाज में फैल जाएगा।

इस प्रकार, रमजान 2026 मुसलमानों के लिए धार्मिक समर्पण, आत्मसंयम और समाज सेवा का प्रतीक बनकर उभरा है। ईदुल-फितर के दिन आने वाली मिठास और खुशियाँ इस पाक महीने की बरकतों का उत्सव बनाती हैं।