'मुसाफिर कैफे' में बेबाक लड़की बनीं वेदिका पिंटो, कहा- काश मैं भी सुधा जैसी होती
मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' में सुधा नाम की बेबाक लड़की का किरदार निभाया है, जो ज्यादा विचार नहीं करती, बल्कि अपनी अंतरात्मा और इंस्टिंक्ट (सहज ज्ञान) पर भरोसा करती है। अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि वे सुधा की तरह बनना चाहती हैं।
वेदिका पिंटो ने बताया कि उनमें और सुधा में जमीन आसमान का फर्क है। उन्होंने कहा, "काश मैं सुधा जैसी होती। हमारे बीच सबसे बड़ा फर्क यह है कि मैं बहुत ज्यादा सोचती हूं, जबकि सुधा शायद ही कभी किसी चीज पर ज्यादा सोचती है। वह अपने मन की सुनती है और उसे जो कुछ भी करना है, उसके लिए वह बहुत कॉन्फिडेंट रहती है।
अभिनेत्री ने बताया कि इस किरदार को निभाते वक्त उन्होंने सुधा की तरह मन की सुनने की कोशिश की थी।
इससे पहले अभिनेत्री ने अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी फिल्म 'निशांची' में डांसर 'रिंकू' नाम की दबंग और रंगीली लड़की का किरदार अदा किया था। अभिनेत्री से जब आईएएनएस ने अनुराग कश्यप के साथ काम करने को लेकर पूछा, "फिल्म निशांची में अनुराग कश्यप के साथ आपने उनसे ऐसा क्या सीखा जो कोई एक्टिंग स्कूल नहीं सिखा सकता?"
अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने कहा, "अनुराग सर के साथ काम करने के दौरान मुझे एक्टिंग के साथ-साथ जिंदगी के बारे में भी बहुत कुछ सीखने को मिला था, जिसे शब्दों में बयां करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन मैं ये जरूर कहना चाहूंगी कि फिल्म 'निशांची' और अनुराग सर के साथ काम करने के बाद मुझमें खुद को स्वीकार करना आया और यही मेरे सफर का सबसे बड़ा सबक रहा है।"
अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में नेटवर्किंग जरूरी है। उन्होंने यह भी माना कि नेटवर्किंग की वजह से ही उन्हें अनुराग कश्यप के साथ काम करने का मौका मिला। अभिनेत्री ने कहा, "मैं बहुत समय से अनुराग सर के साथ काम करना और उनसे मिलना चाहती थीं। मेरे मैनेजर ने आखिरकार उनके साथ मीटिंग अरेंज की और हमारी बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने मुझमें कुछ ऐसा देखा, जिसकी वजह से आखिरकार निशांची मिली। अगर वह मीटिंग नहीं होती तो शायद मुझे वह फिल्म नहीं मिलती। इसलिए नेटवर्किंग जरूरी है क्योंकि लोग आपको किसी रोल के लिए कंसीडर करने से पहले आपको जानना जरूरी समझते हैं।"
अभिनेत्री से आईएएनएस ने एक और सवाल किया, "आजकल सोशल मीडिया पर दिखना बहुत जरूरी माना जाता है। क्या आपको लगता है कि दिखना एक्टिंग टैलेंट जितना ही जरूरी हो गया है?"
अभिनेत्री वेदिका पिंटो ने कहा, "एक समय था जब मैं सुनती थी कि कास्टिंग फॉलोअर्स या पॉपुलैरिटी पर निर्भर करती है। मुझे नहीं पता कि यह कितना सच है, लेकिन मैं हमेशा एक्टिंग और सोशल मीडिया को अलग रखती हूं क्योंकि एक्टिंग मेरा प्रोफेशन है, जबकि सोशल मीडिया विजिबिलिटी गुजारे और एक्स्ट्रा इनकम के मौकों के लिए जरूरी है।"
--आईएएनएस
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