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मुंबई-अहमदाबाद रूट से जुड़ेगी दिल्ली: 6 से 8 घंटे में पहुंचेंगे बेंगलुरु और हैदराबाद, बुलेट ट्रेन हब बनने को तैयार राजधानी

 

भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की तैयारी लंबे समय से चल रही है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद अब देश के कई बड़े शहरों को हाईस्पीड रेल से जोड़ने की योजनाओं पर काम हो रहा है।National Rail Plan में अलग-अलग हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, वाराणसी और दूसरे प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना शामिल है। हालांकि, इन सभी रूटों की स्थिति एक जैसी नहीं है और कई कॉरिडोर अभी योजना, सर्वे या विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के चरण में हैं।

दिल्ली से वाराणसी और आगे सिलीगुड़ी तक कनेक्शन

प्रस्तावित हाईस्पीड नेटवर्क में दिल्ली-वाराणसी-पटना और आगे पूर्वी भारत की दिशा में कनेक्टिविटी का भी जिक्र है।

इस नेटवर्क के जरिए उत्तर भारत के बड़े शहरों को हाईस्पीड रेल से जोड़ने का लक्ष्य है। दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को शामिल करने की योजना बताई गई है।

National Rail Plan में दिल्ली-वाराणसी HSR के साथ वाराणसी से आगे पटना और फिर पूर्वी भारत की ओर हाईस्पीड कनेक्शन विकसित करने की योजनाएं भी दर्ज हैं।

दिल्ली-मुंबई की दूरी भी हो सकती है कम

दिल्ली से मुंबई के बीच हाईस्पीड रेल कनेक्शन के लिए दिल्ली-उदयपुर-अहमदाबाद कॉरिडोर की योजना भी महत्वपूर्ण है।

प्रस्तावित रूट अहमदाबाद में मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ सकता है। इससे भविष्य में दिल्ली और मुंबई के बीच हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी का रास्ता बन सकता है।

हालांकि, इस रूट को लेकर अंतिम समय, किराया और यात्रा अवधि जैसी जानकारियां परियोजना की मंजूरी, DPR और निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेंगी।

मुंबई से हैदराबाद और आगे बेंगलुरु-चेन्नई तक नेटवर्क

National Rail Plan में मुंबई-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु और दक्षिण भारत में आगे बेंगलुरु-चेन्नई हाईस्पीड कनेक्शन की योजनाएं भी शामिल हैं।इस तरह अगर अलग-अलग प्रस्तावित कॉरिडोर विकसित होते हैं तो पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई बड़े शहर एक बड़े हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।

बुलेट ट्रेन नेटवर्क में कौन-कौन से शहर आ सकते हैं?

प्रस्तावित योजनाओं को एक साथ देखें तो भविष्य के हाईस्पीड रेल नेटवर्क में कई बड़े शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ सकती है।

इनमें प्रमुख रूप से:

  • दिल्ली
  • आगरा
  • लखनऊ
  • वाराणसी
  • पटना
  • अहमदाबाद
  • मुंबई
  • पुणे
  • हैदराबाद
  • बेंगलुरु
  • चेन्नई

जैसे शहर शामिल हैं।

हालांकि, सभी रूट अभी चालू बुलेट ट्रेन लाइन नहीं हैं। अलग-अलग परियोजनाओं के लिए मंजूरी, फिजिबिलिटी स्टडी, DPR, फंडिंग और निर्माण जैसे कई चरण पूरे होने बाकी हैं।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन सबसे अहम कड़ी

देश की पहली हाईस्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर है। इसकी लंबाई करीब 508 किलोमीटर है और इसमें जापानी शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।भविष्य में अगर दिल्ली-अहमदाबाद जैसे प्रस्तावित कॉरिडोर और मुंबई-अहमदाबाद HSR आपस में जुड़ते हैं, तो दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड रेल कनेक्शन की संभावना बनेगी।

देश का हाईस्पीड रेल नेटवर्क कितना बड़ा हो सकता है?

National Rail Plan का उद्देश्य देश में भविष्य की यात्री और माल ढुलाई जरूरतों को देखते हुए रेल नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके तहत कई हाईस्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।इस नेटवर्क के विकसित होने पर दिल्ली से पश्चिम, उत्तर और दक्षिण भारत के कई बड़े शहरों तक तेज रेल कनेक्टिविटी का ढांचा तैयार हो सकता है।यानी आने वाले वर्षों में भारत का हाईस्पीड रेल नेटवर्क सिर्फ मुंबई-अहमदाबाद तक सीमित नहीं रह सकता। दिल्ली से मुंबई, वाराणसी, अहमदाबाद और आगे हैदराबाद-बेंगलुरु-चेन्नई जैसे शहरों को जोड़ने वाली कई योजनाएं देश के रेल नेटवर्क का हिस्सा बन सकती हैं। लेकिन इन रूटों की वास्तविक शुरुआत और यात्रा समय परियोजनाओं की मंजूरी और निर्माण पूरा होने के बाद ही तय होंगे।