मुंबई में मानसून से निपटने की तैयारी तेज, मंत्री आशीष शेलार ने रेलवे और प्रशासन को मिलकर काम करने के दिए निर्देश
मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। मुंबई में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुंबई उपनगरीय संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने शुक्रवार को सभी संबंधित एजेंसियों को एकजुट होकर काम करने और एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पश्चिमी रेलवे मुख्यालय में आयोजित एक समन्वय बैठक में मंत्री शेलार ने रेलवे, मुंबई नगर निगम, अग्निशमन विभाग, जिला कलेक्टर कार्यालय, मेट्रो प्रशासन और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के साथ मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में मुंबई नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकणे, मध्य रेलवे के मंडल महाप्रबंधक हिरेश मीना, पश्चिमी रेलवे के मंडल महाप्रबंधक पंकज सिंह, मुंबई शहर और उपनगरों के जिला कलेक्टरों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में पश्चिमी रेलवे ने बताया कि चर्चगेट से विरार के बीच रेलवे लाइन के नीचे जल निकासी के लिए कुल 15 माइक्रो टनल बनाई गई हैं, जिनमें से 4 टनल इस वर्ष पूरी की गई हैं। इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंपों की संख्या बढ़ाकर 126 कर दी गई है और अब तक 2,400 वैगन गाद हटाई जा चुकी है।
वहीं मध्य रेलवे ने जानकारी दी कि उसके मार्ग पर पंपों की संख्या बढ़ाकर 220 कर दी गई है। लगभग 350 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर स्थित 160 नालों और सीवर लाइनों की सफाई पूरी कर ली गई है। दोनों रेलवे मार्गों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और वर्षामापी यंत्र भी लगाए गए हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कांजुरमार्ग स्थित उषा नगर नाला और कुर्ला के ब्राह्मणवाड़ी नाले को गहरा और चौड़ा करने का काम जारी है, जिससे बारिश के दौरान पानी की निकासी और तेज हो सकेगी। बैठक में मुंबई नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा रेलवे और नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की।
बैठक में मंत्री आशीष शेलार ने निर्देश दिया कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति में रेलवे स्टेशन पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम कम करने, यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के सीसीटीवी और सूचना प्रणालियों को आपस में जोड़ने के लिए एक व्यापक और एकीकृत योजना तैयार की जाए।
उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर, पैदल पुलों, यातायात पुलों और होर्डिंग्स का संरचनात्मक ऑडिट कराने की भी आवश्यकता बताई। साथ ही मस्जिद बंदर और आसपास रेलवे सीमा में स्थित 24 जर्जर इमारतों और कुछ झोपड़ियों के पुनर्वास को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम