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मुंबई में बारिश से 12 मौतों पर शिवसेना एमएलसी नीलम गोर्हे ने जताया दुख, राम मंदिर विवाद पर भी रखी राय

 

मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश से हुई 12 लोगों की मौत पर शिवसेना विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नीलम गोर्हे ने दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजा देने की मांग की। वहीं, राम मंदिर से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

मुंबई में भारी बारिश से हुई जनहानि पर नीलम गोर्हे ने कहा कि आधुनिक विकास और व्यापक तैयारियों के बावजूद प्राकृतिक आपदाओं पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। बड़े-बड़े सड़क और पुल बनाए जाते हैं, लेकिन प्रकृति समय-समय पर अपनी शक्ति का एहसास कराती है। जलवायु संबंधी कारकों के कारण तेज हवाएं और लगातार हो रही बारिश जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, जिसका असर केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों में भी बाढ़, अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे हालात में सरकार और प्रशासन अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। मुंबई में आपदा प्रबंधन के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री गिरीश महाजन और अन्य अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों का समन्वय कर रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से पेड़ों के गिरने से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि जिन परिवारों के घरों पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है या जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है, उन्हें शीघ्र आर्थिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। यदि पेड़ नगर निगम के अधीन है तो मुआवजे का प्रावधान है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार को व्यापक राहत नीति बनाकर सभी प्रभावित परिवारों की मदद करनी चाहिए।

नीलम गोर्हे ने लोगों से अपील की कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए विधानसभा और विधान परिषद के कामकाज को भी स्थगित किया गया है ताकि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला पूरी तरह राहत कार्यों में जुट सके।

राम मंदिर से जुड़े विवाद पर नीलम गोर्हे ने कहा कि शिवसेना ने हमेशा राम मंदिर आंदोलन का समर्थन किया है। हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि स्वरूप शिवसेना की ओर से एक किलोग्राम चांदी की रजत शिला राम मंदिर को भेंट की गई थी, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने स्वीकार किया था। उन्हें इसकी रसीद भी मिली थी और गोविंद देव गिरी महाराज ने यह भी बताया था कि वह शिला मंदिर तक पहुंचा दी गई है।

उन्होंने कहा कि हाल के विवादों के कारण कुछ रामभक्तों के मन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है, लेकिन श्रद्धा और सत्य पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। यदि निचले स्तर पर कार्य करने वाले किसी व्यक्ति को गुमराह कर गलत कार्य कराया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राम मंदिर से जुड़े मामले में अधिकारियों और विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता का समर्थन नहीं किया जाएगा। यदि किसी ने गलत कार्य किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार मुकदमा चलना चाहिए और दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके