मुंबई-महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट, तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार
मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईएमडी के डायरेक्टर बिक्रम सिंह ने मुंबई और महाराष्ट्र में हीटवेव की स्थिति और बढ़ते तापमान, कम बारिश और आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना पर बात की।
आईएमडी के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा, "पिछले तीन दिनों की बात करें तो तापमान करीब 38, 38.2 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। हीटवेव का क्राइटेरिया यह है कि अगर तटीय स्टेशन पर तापमान 37 डिग्री तक पहुंचता है और सामान्य से उसका अंतर 4.5 डिग्री या उससे ज्यादा होता है तो हम उसे हीटवेव घोषित करते हैं। अभी लगातार तीन दिन तापमान इसी तरह रहा है, आज भी खासकर सांताक्रूज में तापमान उसी स्तर पर पहुंचा है तो हीटवेव की स्थिति बिल्कुल है, हालांकि ये बॉर्डरलाइन पर है। सामान्य से अंतर जो 4.5 डिग्री होना चाहिए, वो जस्ट अचीव हो रहा है, 4.6, 4.8 डिग्री के आसपास जा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस समय जो तापमान होना चाहिए, उससे 4 से 5 डिग्री ज्यादा है, तो कहीं न कहीं हीटवेव की भी स्थिति है। आने वाले दिनों में मौसम में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं दिख रहा है। पूर्वी हवाएं थोड़ी मजबूत हो रही हैं और इसी वजह से तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, ऐसी ही स्थिति है।"
आईएमडी के निदेशक ने कहा, "इस बार आपने देखा है कि सितंबर में बहुत कम बारिश हुई और अक्टूबर में भी कोई बारिश नहीं हुई तो तापमान लगातार नीचे नहीं आ रहा है। विंड फ्लो पैटर्न में भी अभी तक बहुत बदलाव नहीं आया है, खासकर निचले स्तरों में। अगर निचले स्तरों में उत्तरी हवाएं चलती हैं तो तापमान थोड़ा नीचे आकर सामान्य के आसपास या एक-दो डिग्री ऊपर रह सकता था। लेकिन अभी तक निचले स्तरों में हवाएं या तो पूर्वी हवाएं बनी हुई हैं या दक्षिण-पूर्वी हवाएं, इसलिए सी-ब्रीज भी सेट नहीं हो पा रही है और साथ में सूखापन भी बना हुआ है।"
उन्होंने कहा, "कहीं भी देखें तो तापमान लगातार 36, 37 से 38 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में बिल्कुल तटीय क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति है। इंटीरियर की बात करें तो वहां ऐसी स्थिति नहीं है, वहां हीटवेव के लिए अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री होना चाहिए और सामान्य से अंतर 4.5 डिग्री या उससे अधिक होना चाहिए।"
बिक्रम सिंह ने कहा, "तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का क्राइटेरिया 37 डिग्री है, तो तापमान 37 डिग्री तक और उससे ऊपर भी जा रहा है और सामान्य से अंतर भी 4.5 डिग्री के आसपास बना हुआ है, तो यहां बिल्कुल हीटवेव की स्थिति है।"
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "इसके लिए डेटा का थोड़ा विश्लेषण करना पड़ेगा। खासकर जब एल नीनो वाले साल होते हैं तो बारिश की गतिविधि कम रहती है और ऐसे में तापमान ज्यादा रहने की संभावना बढ़ जाती है। अक्टूबर और पोस्ट-मानसून सीजन के लिए जो पूर्वानुमान दिया गया था, उसमें भी यही कहा गया था कि बारिश की गतिविधि बहुत कम रहेगी और तापमान सामान्य से अधिक, हाई साइड में बना रहेगा। वही स्थिति अभी दिख रही है।"
--आईएएनएस
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