मुंबई के मानखुर्द में 6 लोगों की मौत प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा, दोषियों पर कार्रवाई हो: अबू आजमी
मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई के मानखुर्द इलाके में मकान गिरने से छह लोगों की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया। आईएएनएस से विशेष बातचीत में उन्होंने अवैध निर्माण, कथित भ्रष्टाचार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अबू आजमी ने कहा कि यदि इस घटना को सरकार की विफलता कहा जाए तो सरकार को बुरा लग सकता है, लेकिन पूरे देश को पता है कि वर्ष 1995 में तत्कालीन मनोहर जोशी सरकार के दौरान यह निर्णय लिया गया था कि 1 जनवरी 1995 तक बनी झुग्गियों को नियमित किया जाएगा और पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उस समय यह भी तय किया गया था कि इसके बाद यदि कहीं नई अवैध झुग्गियां बनती हैं तो संबंधित वार्ड अधिकारी और पुलिस बीट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पिछले कई दशकों में लगातार नई झुग्गियां बनती रहीं। गरीब लोग रिश्वत देकर निर्माण करा लेते हैं और यदि कानून का सख्ती से पालन होता तो कोई भी अवैध निर्माण करने का साहस नहीं करता। कथित रूप से पैसे लेकर एक के बाद एक अतिरिक्त मंजिलें खड़ी कर दी जाती हैं, जबकि भवन की मजबूती, नींव और इंजीनियरिंग मानकों की अनदेखी की जाती है। बिना किसी तकनीकी जांच के बहुमंजिला निर्माण किए जाने से ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
बीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अबू आजमी ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार का उदाहरण बन चुकी है। कानून का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है और लोग अपनी मनमर्जी से निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने मुंबई में जलभराव और सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहर के कई इलाकों में हर बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जबकि दक्षिण मुंबई के कुछ हिस्सों में ऐसी समस्या अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है। शहर के पुराने हिस्सों का बुनियादी ढांचा बेहतर योजना के तहत विकसित किया गया था, लेकिन अन्य इलाकों में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भ्रष्टाचार संबंधी पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए और जरूरत पड़ने पर जेल भेजा जाए।
बीएमसी पर टिप्पणी करते हुए अबू आजमी ने कहा कि नगर निगम में वर्षों से सत्ता विभिन्न गठबंधनों के माध्यम से उन्हीं राजनीतिक दलों के पास रही है। पहले भी गठबंधन सरकार थी और अब भी सत्ता उन्हीं के पास है, लेकिन व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। यदि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव का दावा किया जा रहा है तो उसका असर जमीनी स्तर पर भी दिखाई देना चाहिए।
हाल ही में उद्घाटन किए गए मिसिंग लिंक परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाओं पर भी सपा विधायक ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्यों में भी गंभीर अनियमितताएं हैं। कई परियोजनाओं में महीनों तक सड़कें खुदी रहती हैं, बारिश के दौरान लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है और शिकायतों के बावजूद समय पर समाधान नहीं होता।
अबू आजमी ने आगे कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल जुर्माना लगाने की बात कही जाती है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों और जांच प्रक्रियाओं के बावजूद भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही या भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
--आईएएनएस
पीएसके