मुंबई साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन, एपीके फाइल से ठगने वाले गिरोह के छह आरोपी गिरफ्तार
मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। मुंबई साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी एप्लीकेशन पैकेज फाइल के जरिए मोबाइल हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने झारखंड और दिल्ली से कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को फर्जी संदेश भेजकर उन्हें एपीके फाइल इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित करता था। जैसे ही यह फर्जी ऐप मोबाइल में इंस्टॉल होता था, आरोपी मोबाइल में मौजूद बैंकिंग जानकारी चुरा लेते थे और फिर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे। इसी तरीके से शिकायतकर्ता से 2,35,000 रुपए की धोखाधड़ी की गई।
इस मामले में साइबर पुलिस थाना, पश्चिम विभाग, मुंबई में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने फर्जी एपीके बनाने, उसे फैलाने और लोगों को लिंक भेजकर फंसाने वाले आरोपियों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में आरिफ अस्तुत अंसारी (झारखंड, गिरिडीह), शेख बेलाल नौशाद (झारखंड, गिरिडीह), मेहबूब नौशाद आलम (झारखंड, गिरिडीह), साजिद मंसूर अली (नई दिल्ली), मोहन कुशल महतो (झारखंड, धनबाद), सुनील कुमार दशरथ सोरेन (झारखंड, धनबाद) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप जब्त किया है। जांच में 911 फर्जी एपीके फाइलें और 83 अलग-अलग पैकेज नाम मिले हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप, बॉट्स और चैट रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस को सर्वर लॉगिन क्रेडेंशियल्स और कई यूआरएल भी मिले हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों के सिस्टम से लगभग 1.24 करोड़ एसएमएस रिकॉर्ड और 8,609 मोबाइल नंबरों का डेटा मिला है। इनमें बैंक खाते, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन और यूपीआई आईडी जैसी संवेदनशील जानकारियां भी शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह देशभर में 3,206 साइबर ठगी की घटनाओं में शामिल पाया गया है, जिसमें लगभग 43.25 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई है। अकेले महाराष्ट्र में 517 और मुंबई में 93 शिकायतें दर्ज हैं।
साइबर पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अज्ञात नंबर या व्हाट्सएप से भेजी गई एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें और न ही किसी अनजान जिप फाइल को खोलें।
--आईएएनएस
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