×

मुफ्ती साहब का सपना हो रहा साकार, क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ: महबूबा मुफ्ती

 

अवंतीपोरा, 5 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अवंतीपोरा में बन रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह परियोजना उनके लिए बेहद संतोष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान उनके दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के सपनों में शामिल था, जो अब धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, इसमें कुछ देरी जरूर हुई और कई कारणों से काम प्रभावित भी रहा, लेकिन अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्थिति संतोषजनक है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि क्षेत्र में कई गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने विशेष रूप से कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान में न केवल इलाज की सुविधा होगी, बल्कि शोध कार्य भी किए जाएंगे, जिससे भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस केंद्र में डॉक्टरों और नर्सों की बड़ी संख्या में भर्ती की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र बनेगा और यहां आने वाले मरीजों को बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि अवंतीपोरा का प्राकृतिक वातावरण मरीजों के स्वास्थ्य सुधार में भी सहायक होगा, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से लाभ मिलेगा।

महबूबा मुफ्ती ने यह भी आग्रह किया कि गैर-तकनीकी और सहायक पदों पर भर्ती में आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्थानीय समुदाय को सीधे तौर पर लाभ मिल सके। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़ी कुछ स्थानीय समस्याओं का भी जिक्र किया और कहा कि नदी के किनारे और सीमित जगह होने के कारण लोगों को असुविधा हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर वह विभागीय आयुक्त से बातचीत करेंगी, ताकि समाधान निकाला जा सके और लोगों की कठिनाइयों को कम किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी बल्कि शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। उनके अनुसार, अगले एक-दो सालों में यह संस्थान पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी