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मुद्रा योजना बनी सहारा: हजारीबाग के दीपक ने छोटी दुकान से खड़ा किया बड़ा कारोबार

 

हजारीबाग, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। योजना के 11 वर्ष पूरे होने के साथ देशभर से हजारों सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं, जो इस पहल की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड के अंतर्गत पकरार निवासी दीपक कुमार की है, जिन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर अपने छोटे व्यवसाय को उल्लेखनीय रूप से विस्तार दिया।

दीपक कुमार ने वर्ष 2018 में इस योजना के तहत 5 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया था। उस समय उनके पास केवल एक छोटी सी दुकान थी, लेकिन अपनी मेहनत, लगन और व्यावसायिक समझ के बल पर आज वे हजारीबाग में कई दुकानों के सफल संचालक बन चुके हैं। सब्जी मंडी और मेन रोड पर स्थित उनकी 'पूनम धागा-बटन' की दुकान स्थानीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित पहचान बना चुकी है। उनका कहना है कि यह सफलता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने वाली नीतियों का परिणाम है।

दीपक ने बताया कि मुद्रा योजना के तहत उन्हें बिना किसी गारंटी के आसानी से ऋण मिल गया, जिससे उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया से यह ऋण लिया और निर्धारित समय पर पूरा भुगतान भी कर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी समस्या गारंटी की होती है, लेकिन इस योजना ने उस बाधा को दूर कर दिया है।

उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी दुकान में सिलाई से जुड़ा लगभग हर प्रकार का सामान उपलब्ध है। पहले उनके पास पर्याप्त स्टॉक नहीं होता था, जिससे ग्राहकों को कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता था, लेकिन ऋण मिलने के बाद उन्होंने अपने स्टॉक को बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। अब स्थिति यह है कि उनके यहां आने वाला कोई भी ग्राहक निराश नहीं लौटता।

इसी तरह, बर्तन व्यवसायी अशोक प्रसाद ने भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने कारोबार का विस्तार किया। उन्होंने बताया कि पूंजी की कमी के कारण पहले उनका व्यापार सीमित था, लेकिन मुद्रा योजना से मिले ऋण ने उन्हें दुकान बढ़ाने और नए सामान खरीदने में मदद की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं छोटे व्यापारियों के लिए बेहद लाभकारी हैं और भविष्य में भी इस तरह की पहल जारी रहनी चाहिए।

वहीं, पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाली रजनी देवी ने भी योजना की सराहना की। उन्होंने बताया कि पूंजी के अभाव में उनका व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पा रहा था, लेकिन योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बैंक से संपर्क कर ऋण के लिए आवेदन किया। ऋण मिलने के बाद उन्होंने अपनी दुकान का विस्तार किया और अब उनके व्यवसाय में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि अब उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है और वे अपने परिचितों को भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करती हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी