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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में बढ़ती हिंसा, वीडियो में देंखे 300 से अधिक की मौत

 

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमाई क्षेत्रों में चल रहे सैन्य संघर्ष में हाल के दिनों में दोनों पक्षों के 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि 500 से अधिक घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह संघर्ष सीमा पार आतंकवाद और विद्रोही गतिविधियों को रोकने के प्रयासों के कारण और तेज हुआ है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई करने की धमकी जारी की है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।

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अंतरराष्ट्रीय ध्यान इस ओर भी गया है कि अमेरिका इस संघर्ष में किस हद तक दखल देगा। इस मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष में हस्तक्षेप करेगा, तो उन्होंने कहा, “मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।” उनके बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका फिलहाल सीधे सैन्य हस्तक्षेप की बजाय कूटनीतिक दबाव या मध्यस्थता पर जोर दे सकता है।

इस बीच पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने हाल के घटनाक्रमों पर बयान देते हुए आरोप लगाया कि देश में हो रहे कई आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद और हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। दोनों देशों की सीमा पर लगातार आतंकवादी गतिविधियों और हिंसक घटनाओं के चलते स्थिति दिन-प्रतिदिन जटिल होती जा रही है। वहीं, सीमा पार कार्रवाईयों से न केवल दोनों देशों के नागरिक प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता पर भी खतरा मंडरा रहा है।

सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता संघर्ष केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। यदि इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ध्यान नहीं दिया, तो यह पूरे दक्षिण एशिया में सुरक्षा खतरे को बढ़ा सकता है। अमेरिका, यूरोप और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थान इस समय तनावपूर्ण स्थिति को कूटनीतिक माध्यम से नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में लगातार मिसाइल और गोलाबारी के कारण लोगों की जान और संपत्ति पर खतरा बढ़ गया है। स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थान भी लगातार निशाना बन रहे हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना फिलहाल चुनौतीपूर्ण है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर दोनों देशों ने तुरंत कूटनीतिक बातचीत और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का रास्ता नहीं अपनाया, तो यह संघर्ष और बढ़ सकता है। ऐसे में क्षेत्रीय देशों और वैश्विक शक्तियों के लिए यह चुनौती है कि वे हिंसा को रोकने और शांति स्थापित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।