मानसून सत्र शुरू: पीएम मोदी ने सांसदों से की शांतिपूर्ण चर्चा की अपील, वीडियो में जाने विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा; 7 विधेयक होंगे पेश
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। 18वीं लोकसभा के नौवें संसदीय सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने मानसून सत्र को देशहित में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सांसदों से सदन में सकारात्मक और तर्कपूर्ण चर्चा करने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है।" उन्होंने कहा कि संसद में हर मुद्दे पर तर्क के साथ चर्चा होनी चाहिए और सभी जनप्रतिनिधियों की आवाज का सम्मान किया जाना चाहिए।पीएम मोदी ने सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि संसद देश की जनता की उम्मीदों का केंद्र है और यहां होने वाली बहस देश की दिशा तय करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल मिलकर जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे।
पहले दिन हंगामे के आसार, विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में
मानसून सत्र के पहले दिन ही संसद में हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष की ओर से सोनम वांगचुक के अनशन, नीट UG पेपर लीक मामला और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा सकते हैं।विपक्ष का कहना है कि इन मामलों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना जरूरी है।
सरकार सत्र में पेश करेगी 7 विधेयक
मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कुल 7 विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। लोकसभा में कार्यवाही की शुरुआत में सबसे पहले 'सुप्रीम कोर्ट (संशोधन) विधेयक' पेश किया जाएगा। इस विधेयक के जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है।वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित संशोधन विधेयक पेश करेंगे। सरकार का एजेंडा इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करना है।
13 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र
18वीं लोकसभा का यह नौवां संसदीय सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। करीब 25 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।फिलहाल सभी की नजरें संसद की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन पाती है या सत्र के दौरान लगातार हंगामा जारी रहता है।