मानसून से पहले एक्शन मोड में राजभर, कहा- खराब हैंडपंप दुरुस्त हों और पेयजल योजनाएं समय पर पूरी कराएं
लखनऊ, 28 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को पंचायतीराज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बरसात के मौसम को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, अमृत सरोवरों में जलभराव, जल जीवन मिशन की लंबित परियोजनाओं, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, डिजिटल लाइब्रेरी और ग्राम पंचायतों में चल रही सभी विकास योजनाओं को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए अधिकारियों को जवाबदेह बनाया।
मुख्यमंत्री कार्यालय की प्राथमिकताओं के अनुरूप सचिवालय स्थित मुख्य भवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मानसून के दौरान पेयजल संकट से बचाव को सबसे महत्वपूर्ण विषय मानते हुए मंत्री ने सभी खराब और बालूयुक्त हैंडपंपों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अमृत सरोवरों के निर्माण, उनमें जलभराव की स्थिति और पंचायतों को हस्तांतरण की जनपदवार अद्यतन रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराने को कहा। राजभर ने जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के तहत निर्मित ओवरहेड पेयजल टंकियों, पाइपलाइन विस्तार और पंचायतों को हस्तांतरित परिसंपत्तियों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सामुदायिक शौचालयों में नियमित सफाई, सफाई कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान तथा व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित एवं निरस्त आवेदनों के पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी), सभी हैंडपंपों की जियो-टैगिंग एवं जल गुणवत्ता परीक्षण, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र, परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री ने इन सभी योजनाओं के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ओमप्रकाश राजभर ने अधिकारियों से कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी पंचायत स्तरीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, बारात घर तथा उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन रिपोर्ट भी तलब करते हुए स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
--आईएएनएस
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