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मानसून ने पूरे देश को किया कवर, लेकिन बढ़ी चिंता, वीडियो में जाने कई राज्यों में बारिश पड़ सकती है कमजोर, सुपर टायफून 'बावी' बना वजह

 

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपना विस्तार पूरा कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि मानसून की गतिविधियां फिलहाल देश के कुछ हिस्सों तक सीमित हैं, जबकि कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश कमजोर पड़ सकती है।

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मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मध्य भारत और पूर्वी क्षेत्रों में मानसून काफी सक्रिय बना हुआ है। सैटेलाइट इमेज में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों के ऊपर घने बादल दिखाई दे रहे हैं। इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

हालांकि, दूसरी ओर गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और देश के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की मात्रा अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक व्यापक और अच्छी बारिश की संभावना कमजोर हो सकती है। इससे किसानों और जलाशयों पर भी असर पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां अभी तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।

मानसून को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक और खबर प्रशांत महासागर से सामने आई है। फिलीपींस के पास समुद्र में सुपर टायफून 'बावी' का गठन हुआ है। यह शक्तिशाली तूफान ताइवान और चीन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, भले ही यह तूफान भारत से हजारों किलोमीटर दूर है, लेकिन इसका प्रभाव बंगाल की खाड़ी की मौसम प्रणालियों पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुपर टायफून 'बावी' के कारण बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र और अन्य वर्षा प्रणालियों की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि फिलहाल खाड़ी में कोई नया मजबूत मौसम तंत्र विकसित होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।

मौसम विभाग के आकलन के अनुसार, जब तक यह तूफान चीन की ओर आगे नहीं बढ़ जाता और कमजोर नहीं पड़ता, तब तक बंगाल की खाड़ी में नया बारिश वाला सिस्टम बनने की संभावना कम रहेगी। इसका सीधा असर भारत के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बाद देश के कई राज्यों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी भारत में मानसून कुछ समय के लिए कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में व्यापक और अच्छी बारिश के लिए लोगों को करीब एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है।

हालांकि, मौसम वैज्ञानिक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम विकसित होता है, तो मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है। फिलहाल किसानों, जल संसाधन विभागों और आम लोगों की निगाहें अगले कुछ दिनों के मौसम बदलाव पर टिकी हुई हैं।