देश के 70% हिस्से पर छाए मानसूनी बादल, 25 जुलाई तक भारी बारिश के आसार; फुटेज में जाने असम में बाढ़ गंभीर, यूपी में उफान पर नदियां
देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार देश के करीब 70% हिस्से पर मानसूनी बादल छाए हुए हैं। मौसम के ताजा संकेत बताते हैं कि 25 जुलाई तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत सहित देश के 60% से अधिक हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक देशभर में सामान्य से 24% कम बारिश दर्ज की गई है।
असम में बाढ़ का कहर, सेना संभाल रही मोर्चा
लगातार हो रही बारिश ने असम में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 57,100 से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन राहत शिविरों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है।
यूपी में गंगा-यमुना उफान पर, घाट जलमग्न
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते जलस्तर ने गंगा और यमुना किनारे बसे शहरों की चिंता बढ़ा दी है। वाराणसी और प्रयागराज में नदी का पानी घाटों तक पहुंच गया है। वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक कई सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं।काशी में स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर सहित करीब 40 छोटे मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। घाटों पर जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
राजस्थान में मानसून पर ब्रेक, फिर बढ़ी गर्मी
दूसरी ओर राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। बारिश रुकने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ गया है। विशेष रूप से बीकानेर संभाग के तीन जिलों में रविवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।राज्य में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है।
25 जुलाई तक राहत की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अच्छी बारिश से जल संकट और खेती को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जिन इलाकों में पहले से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहां भारी बारिश नई चुनौतियां भी खड़ी कर सकती है।मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की है। आने वाले दिनों में मानसून की चाल देश के कई राज्यों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकती है।