☰
×

मनी लॉन्ड्रिंग केस में हेमंत सोरेन की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई 30 सितंबर को

 

रांची, 29 सितंबर (आईएएनएस)। रांची के बड़गाईं अंचल की जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में मंगलवार को विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी। अब हाई कोर्ट बुधवार को दोपहर 2.15 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा। खास बात यह है कि बुधवार को ही सुबह 11.15 बजे रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप तय किए जाने के बिंदु पर सुनवाई पहले से निर्धारित है। ऐसे में दोनों अदालतों की कार्यवाही पर नजर रहेगी।

सीएम हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए अदालत के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप गठन की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था। मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट याचिका में आरोप गठन की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है। उनका पक्ष है कि जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। विशेष पीएमएलए अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया था।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट का रुख किया। मंगलवार को हाई कोर्ट में मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी। इधर, विशेष पीएमएलए अदालत में बुधवार सुबह 11.15 बजे बड़गाईं जमीन मामले में आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई प्रस्तावित है। पिछली सुनवाई में हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए थे। उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेजों के अवलोकन के लिए समय देने का आग्रह किया था।

अदालत ने कहा था कि मामला फिलहाल आरोप गठन के चरण में है। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी। यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल में करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है। ईडी की जांच में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण से जुड़े आरोप सामने आए हैं। मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है।

विशेष पीएमएलए अदालत इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित कर चुकी है। इनमें तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिपिन सिंह, राजकुमार पाहन, अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना अभी बाकी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी