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मोकामा में गंगा पर नया डबल लाइन रेल पुल परिचालन के लिए तैयार, उत्तर और दक्षिण बिहार की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत

 

हाजीपुर, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मोकामा में गंगा पर मौजूदा राजेंद्र पुल के समानांतर बनाए गए नए डबल लाइन रेल पुल का रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी सर्किल, कोलकाता गुरु प्रकाश ने निरीक्षण पूरा कर लिया है। रेल संरक्षा आयुक्त से प्राधिकार मिलने के साथ ही नवनिर्मित पुल से ट्रेनों का परिचालन संभव हो गया है।

रेल संरक्षा आयुक्त ने 3 और 4 अक्टूबर को माल एवं यात्री परिवहन के लिए बनाए गए नए राजेंद्रपुल-हाथीदह ऊपर रेल पुल के साथ दोहरीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों का निरीक्षण किया। इसके अलावा राजेंद्रपुल, हाथीदह ऊपर, रामपुर डुमरा और टाल स्टेशनों से जुड़े कार्यों का भी निरीक्षण किया गया।

रेलवे के मुताबिक, मोकामा में गंगा नदी पर नए रेल पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए एक अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध हो गया है। इससे ट्रेनों के परिचालन में सुविधा होगी और रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

नए रेल पुल के निर्माण पर करीब 2,400 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसे मौजूदा राजेंद्र पुल के समानांतर पटना की ओर करीब 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। नए पुल पर दोहरी रेल लाइन बिछाई गई है।

पूरी परियोजना करीब 15.5 किलोमीटर लंबी है, जिसमें गंगा नदी पर 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल शामिल है। मुख्य पुल पर 17 स्टील स्पैन बनाए गए हैं। इसके अलावा परियोजना के तहत 3.6 किलोमीटर के रेल वायडक्ट, आठ छोटे पुल, दो रोड ओवरब्रिज और तीन रेल ओवर रेल का निर्माण किया गया है।

रेलवे के अनुसार, नए पुल की योजना इस तरह तैयार की गई है कि पुराने पुल के एप्रोच में कम से कम बदलाव करना पड़े। नए पुल के दोनों छोर पहले से मौजूद स्टेशनों से जुड़े हैं। इनमें उत्तर की ओर हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण की ओर राजेंद्रपुल और बरौनी स्टेशन शामिल हैं।

नए डबल लाइन पुल से परिचालन शुरू होने के बाद भी पुराने राजेंद्र सेतु से ट्रेनों की आवाजाही जारी रहेगी। इससे इस रूट पर कुल तीन रेल लाइनों की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

रेलवे का कहना है कि इस परियोजना से उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ देश के पूर्वोत्तर क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क को मजबूती मिलेगी। यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार होने के साथ रेलवे ट्रैफिक में लगभग 2.5 गुना वृद्धि होने का अनुमान है।

नए पुल से माल ढुलाई में लगने वाले समय और लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे व्यापार के साथ आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को फायदा मिलेगा और क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी