मोहन भागवत का बड़ा दावा, ‘5 महाद्वीपों से लोग RSS का काम देखने आ रहे हैं’, वीडियो में जाने विदेशों में ट्रेनिंग की मांग भी बढ़ी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि दुनिया के पांच महाद्वीपों से लोग संघ के कार्य को समझने और देखने के लिए भारत आ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई देश चाहते हैं कि RSS के स्वयंसेवक उनके यहां जाकर समाज सेवा और संगठन निर्माण की ट्रेनिंग दें। यह बयान उन्होंने शुक्रवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया।
विदेशों से बढ़ रही RSS को जानने की रुचि: भागवत
मोहन भागवत के अनुसार, समय-समय पर विदेशों से प्रतिनिधि भारत आते हैं और संघ के कार्यों का अवलोकन करते हैं। वे यह समझना चाहते हैं कि RSS किस तरह से समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवक तैयार करता है और संगठनात्मक स्तर पर कार्य करता है।उन्होंने कहा कि कई देशों में यह भी इच्छा जताई जा रही है कि संघ के प्रशिक्षित स्वयंसेवक वहां जाकर स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दें।
नागपुर में कार्यक्रम का आयोजन
यह कार्यक्रम ‘हेडगेवार: आधुनिक युग के शालीवाहन’ के सार्वजनिक प्रसारण के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस मौके पर संघ के इतिहास और विचारधारा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
शताब्दी वर्ष पर 100 वीडियो जारी
RSS के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम के दौरान संघ प्रचारकों के जीवन और कार्यों पर आधारित 100 वीडियो भी जारी किए गए। इन वीडियो के जरिए संगठन के इतिहास, विस्तार और कार्यप्रणाली को प्रस्तुत किया गया।
संघ के वैश्विक प्रभाव का दावा
भागवत के इस बयान के बाद संघ के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस तरह के दावों और वैश्विक नेटवर्क को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।