मोगरा और गुलाब के फूलों से बाबा महाकाल का शृंगार, भस्म आरती में राजा स्वरूप में भक्तों को दिए दर्शन
उज्जैन, 2 नवंबर (आईएएनएस)। महाकाल की नगरी उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
सोमवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन हुए।
इसके बाद पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।
बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर की आरती के बाद बाबा महाकाल ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई।
बाबा महाकाल का मोगरा और गुलाब के फूलों से शृंगार किया गया। भस्म आरती में बाबा राजा स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध थे।
परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा महाकाल की इस अद्भुत आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं और दर्शन कर खुद को धन्य महसूस करते हैं।
--आईएएनएस
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