एमएमडीआर संशोधन बिल पर नवीन पटनायक ने ओडिशा के भाजपा सांसदों को लिखा पत्र
भुवनेश्वर, 29 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने ओडिशा से भाजपा के सभी सांसदों को पत्र लिखा है। उन्होंने माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल, 2026 का समर्थन करने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
नवीन पटनायक ने पत्र में लिखा कि हमारी संसद भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। सांसद के रूप में आप लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंच पर ओडिशा की आवाज हैं। ओडिशा के लोगों ने आपको उनके हितों की रक्षा के लिए भरोसे के साथ चुना है। इसलिए यह सबसे बड़ी चिंता की बात है कि आपने एक ऐसे मनमाने कानून के पक्ष में वोट दिया, जिसका ओडिशा के लोगों पर दूरगामी बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि 13 अगस्त के दिन लोकसभा में आपके समर्थन से यह बिल पास हुआ और वह ओडिशा के लिए काला दिन था। यह बिल लोकसभा में 10 मिनट से भी कम चर्चा में पास किया गया, जबकि इसके प्रावधानों का ओडिशा के लोगों पर बहुत बड़ा असर पड़ने वाला है।
नवीन पटनायक ने कहा कि यह कोई सामान्य कानून नहीं था। इस कानून से सबसे ज्यादा प्रभावित निसंदेह ओडिशा ही होगा। ओडिशा के पास भारत की लगभग 44 प्रतिशत खनिज संपदा है। दशकों से ओडिशा ने अपनी खनिज संपदा से भारत के स्टील, बिजली, खनन और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों को बनाने में योगदान दिया है। ओडिशा और उसके लोगों के इस बड़े योगदान के कारण ही आज भारत अधिक मजबूत और ऊंचा खड़ा है।
उन्होंने पत्र में अनुमान लगाया कि इस कानून से हर साल 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा, जो समय के साथ लाखों करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। लेकिन इससे भी बड़ा नुकसान यह है कि एक ही झटके में हमारे अपने खनिजों और हमारी खनिज वाली जमीनों पर हमारा नियंत्रण हमसे छीन लिया गया। और यह सब आपकी निगरानी में हुआ।
नवीन पटनायक ने कहा कि यह कानून ओडिशा के बच्चों और युवाओं के साथ अन्याय है, जिनका भविष्य इस राज्य के संसाधनों और अवसरों से जुड़ा है। यह उन लोगों के साथ अन्याय है जो खनन के प्रदूषण, विस्थापन, पर्यावरण क्षरण और खतरों व कठिनाइयों को झेलते हैं। और सबसे बढ़कर, यह एक सशक्त ओडिशा के सपने के साथ अन्याय है, जिसमें अपना भविष्य खुद तय करने का आत्मविश्वास और संसाधन हैं।
उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे अपनी अंतरात्मा की सुनें और ओडिशा की आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचें। नवीन पटनायक ने एमएमडीआर एक्ट में किए गए उस संशोधन को चुनौती देने और उसे वापस लेने की मांग करने की अपील की।
उन्होंने लिखा कि इतिहास उन लोगों को याद रखता है और सम्मान देता है जो अपने लोगों और उनके संसाधनों के साथ अन्याय होने पर आवाज उठाते हैं। इतिहास आपको इस आधार पर नहीं आंकेगा कि आप किस पार्टी के साथ खड़े थे, बल्कि इस आधार पर आंकेगा कि जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब आप ओडिशा के लिए खड़े हुए या नहीं।
आप एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं, जहां आपके पास उस राज्य और उन लोगों के लिए लड़ने का विकल्प है, जिन्होंने आपको उनके हितों की रक्षा के जनादेश के साथ लोकसभा भेजा है।
--आईएएनएस
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