एमएलसी चुनाव से पहले मतदाता सूची पर सपा का सवाल, हजारों डुप्लीकेट नाम होने का आरोप
लखनऊ, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हजारों डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज होने का आरोप लगाते हुए मतदान और मतगणना को पारदर्शी, निष्पक्ष, स्वतंत्र और भयमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
सपा ने वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची के दोबारा सत्यापन के नाम पर विद्यालयों को परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पार्टी ने मतदाता सूची में कथित दोहराव के कई उदाहरण देते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सपा ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। पार्टी ने मिर्जापुर जिले के कई बूथों का उदाहरण देते हुए कहा है कि बूथ संख्या 226 पर मतदाता क्रमांक 862, 863 और 864 पर रविशंकर पांडेय का नाम तीन बार दर्ज है। ज्ञापन में उन्हें मिर्जापुर में भाजपा का जिला मंत्री बताया गया है। इसी तरह बूथ संख्या 242 पर अंजली मौर्य का नाम क्रमांक 15 से 19 तक लगातार पांच बार दर्ज होने का दावा किया गया है। इसी बूथ पर स्मृति सिंह का नाम क्रमांक 582 से 584 तक तीन बार तथा पवन कुमार गुप्ता का नाम क्रमांक 320 और 321 पर दर्ज होने का उल्लेख है।
बूथ संख्या 245 पर जितेंद्र कुमार सरोज का नाम क्रमांक 215 और 216 पर दो बार दर्ज होने की बात कही गई है। पार्टी ने इन उदाहरणों के समर्थन में संबंधित मतदाता सूची के विवरण और अन्य दस्तावेज संलग्न करने की बात कही है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की अनियमितताओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि कोई मतदाता एक से अधिक बार मतदान न कर सके। सपा ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, लखीमपुर में 31, सीतापुर में 14, रायबरेली में 19, बाराबंकी में सात, हरदोई में 11, प्रतापगढ़ में सात और लखनऊ में 13 मतदान केंद्र संवेदनशील बताए गए हैं।
पार्टी ने सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने, मतदान के बाद मतपेटियों को सील कर सीसीटीवी कैमरों तथा सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रखने और मतदान एवं मतगणना केंद्रों पर सिविल पुलिस के अतिरिक्त पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है।
सपा ने मतगणना के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न होने देने, जनरेटर की व्यवस्था करने और अधिकृत एजेंटों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को प्रवेश नहीं देने की भी मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि मतगणना शुरू होने के बाद उसे बिना किसी अनुचित कारण के रोका नहीं जाना चाहिए।
पार्टी ने मतदान के दिन 23 अक्टूबर को राजकीय कार्यदिवस होने का हवाला देते हुए संबंधित जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग भी की है। इसके अलावा मतदान के दौरान अवांछित और फर्जी मतदाताओं को रोकने तथा नियमों के अनुरूप मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
सपा ने निर्वाचन आयोग के प्रारूप-18 और ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में ब्लॉक या वार्ड का कॉलम नहीं होने पर भी आपत्ति जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस वजह से किसी मतदाता का मतदान केंद्र उसके निवास क्षेत्र से दूर निर्धारित हो सकता है। उदाहरण के तौर पर गोमतीनगर के विनीत खंड में रहने वाले मतदाता का मतदान केंद्र मोहनलालगंज में निर्धारित होने की स्थिति का उल्लेख किया गया है।
पार्टी ने मांग की है कि आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र में दर्ज पता मतदान केंद्र के क्षेत्र से अलग होने पर भी मतदाता को केवल इस आधार पर मतदान से वंचित न किया जाए। इसी तरह मतदाता सूची और पहचान पत्र में नाम या पिता के नाम की अंग्रेजी स्पेलिंग में मामूली अंतर होने पर भी मतदान की अनुमति देने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में रीता सिंह के नाम की स्पेलिंग पहचान पत्र में 'रिता सिंह' और मतदाता सूची में 'रीता सिंह' होने का उदाहरण दिया गया है। सपा ने प्रतापगढ़ जिले में कुछ मतदान केंद्रों पर 11 अक्टूबर को मतदाता सूची के क्रमांक बदले जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पहले वितरित की जा चुकी मतदाता पर्चियों के कारण मतदाताओं को परेशानी हो सकती है।
पार्टी ने मांग की है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की स्थिति में केवल क्रमांक बदलने के आधार पर किसी को मतदान से वंचित न किया जाए। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मामले में सपा ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद भी कुछ जिलों में जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों तथा मतदाताओं के विवरण का दोबारा सत्यापन करा रहे हैं।
पार्टी का दावा है कि इससे समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं, विद्यालय प्रबंधकों और कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी हो रही है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद निरंतर पुनरीक्षण के तहत शामिल किए गए मतदाताओं की सूची भी प्रकाशित हो चुकी है। सपा ने निर्वाचन आयोग के नियमों का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
--आईएएनएस
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