Mizoram Drug Network: म्यांमार से भारत तक ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क, 8 महीने में 846 करोड़ की खेप जब्त
भारत-म्यांमार सीमा से होने वाली ड्रग्स तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मिजोरम इस अवैध नेटवर्क के लिए एक अहम ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है। राज्य की म्यांमार से लगी करीब 510 किलोमीटर लंबी सीमा का फायदा उठाकर तस्कर जंगलों और सीमावर्ती इलाकों के जरिए हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसी ड्रग्स भारत पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में मिजोरम में 846 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की ड्रग्स जब्त की गई हैं। इस दौरान करीब 930 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 111 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
ईडी की कार्रवाई में 4.8 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने म्यांमार के कथित सरगना थिंगचुंगआंग उर्फ चिंतुआंग से जुड़े 22 बैंक खातों में जमा करीब 4.8 करोड़ रुपये की राशि कुर्क की है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह नेटवर्क केवल ड्रग्स की तस्करी तक सीमित नहीं था। इसमें ड्रग्स की खरीद, सीमा पार परिवहन, स्टोरेज, भारत के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई और हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन की पूरी व्यवस्था शामिल थी।
भारत से म्यांमार जाता था ड्रग्स बनाने का कच्चा माल
जांच में तस्करी का एक दोतरफा नेटवर्क सामने आने का दावा किया गया है। एक तरफ म्यांमार से तैयार ड्रग्स भारत पहुंचाई जाती थीं, वहीं दूसरी तरफ भारत से कुछ रसायन म्यांमार भेजे जाते थे।
जांच के अनुसार, गुजरात समेत भारत के कुछ हिस्सों से स्यूडोएफेड्रिन टैबलेट और कैफीन एन्हाइड्रस जैसे रसायन मिजोरम के रास्ते म्यांमार पहुंचाए जाते थे। आरोप है कि इनका इस्तेमाल म्यांमार में संचालित अवैध लैब में ड्रग्स तैयार करने के लिए किया जाता था।
इसके बाद तैयार की गई ड्रग्स को कथित तौर पर मिजोरम के रास्ते दोबारा भारत में लाया जाता था। ईडी की पिछली जांच में प्रिकर्सर केमिकल की बड़ी सप्लाई और उससे जुड़े हवाला लेन-देन के संकेत भी सामने आए थे।
बैंक खातों और फ्रंट कंपनियों के जरिए छिपाया जाता था पैसा
ड्रग्स कारोबार से होने वाली कमाई को छिपाने के लिए नेटवर्क ने कई स्तरों पर वित्तीय व्यवस्था तैयार कर रखी थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अलग-अलग लोगों और कथित फ्रंट कंपनियों के नाम पर कई बैंक खाते खोले गए थे।
इन खातों में पैसा जमा होने के बाद उसे तेजी से दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था। ऐसे कई म्यूल खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम को इधर-उधर घुमाने के लिए किया जाता था, जिससे पैसे के वास्तविक स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो।
हवाला से लेकर करोड़ों के लेन-देन तक जांच
जांच में कुछ संदिग्ध ऑपरेटरों के बैंक खातों में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन का पता चलने की बात सामने आई है। एजेंसियों का मानना है कि हवाला नेटवर्क ने भी इस अवैध कारोबार के वित्तीय लेन-देन में भूमिका निभाई।
जांच के दौरान चिंतुआंग से जुड़े लोगों और खातों की जानकारी हासिल की गई। इसके आधार पर ईडी ने कथित मनी ट्रेल को ट्रैक किया और कई बैंक खातों तक पहुंच बनाई।
मिजोरम में लगातार बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी और सीमा पार नेटवर्क से जुड़े विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती बढ़ा दी है। अब जांच का फोकस तस्करी के साथ-साथ इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय कड़ी और म्यांमार तक फैले इसके कनेक्शन पर भी है।