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मीरा रोड: जंगली जानवरों का शिकार करने निकली टोली ने चलाई गोली, 60 साल के शख्स की गई जान

 

मीरा रोड, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई से सटे मीरारोड में जंगली जानवरों का शिकार करने निकली टोली की तरफ से चलाई गई एक गोली ने 60 वर्षीय विजय सापटे की जान ले ली। आरोप है कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के चेनागांव जंगल में शिकार के दौरान बंदूक से फायरिंग की गई, जिसके छर्रे विजय सापटे की छाती में जा लगे। उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, मृतक का शव चेनागांव के श्मशान में जला दिया गया। गुप्त सूचना के आधार पर जांच में जुटी काशीगांव पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने जंगल में कथित अवैध शिकार और मौत के बाद अपनाए गए तरीके को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बुधवार को मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 20 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास कांबले को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि चेनागांव के वेलकरी पाड़ा निवासी विजय सापटे की जंगल में शिकार के दौरान गोली लगने से मौत हो गई है और उनके शव को श्मशान में जला दिया गया है।

सूचना मिलते ही काशीगांव पुलिस ने जांच शुरू की। गुप्त सूचना, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं। मृतक के बेटे रोहित सापटे और अन्य लोगों से पूछताछ के दौरान सामने आया कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के डेबुचा घाट स्थित चेनागांव जंगल में जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए कुल सात लोग गए थे।

पुलिस जांच के अनुसार, महेश अनंत गायकर (52) के पास छर्रों वाली डबल बैरल बंदूक थी, जबकि दो अन्य लोगों के पास भरमार बंदूकें थीं। रात करीब 9 बजे सामने खड़े एक व्यक्ति के मोबाइल फोन की रोशनी दिखाई दी। आरोप है कि महेश गायकर ने उस रोशनी को जंगली जानवर की आंख समझ लिया और उसी दिशा में बंदूक से गोली चला दी।

गोली के छर्रे विजय सापटे की छाती में लगे और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना में दो अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आईं। घायलों को जंगल से नीचे लाकर चेनागांव के बेलकड़ी पाड़ा में ले जाया गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाते समय विजय सापटे (60) की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, आशिष हॉस्पिटल के डॉक्टर राजेश पांडुरंग पालांडे (56) ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से शव की जांच की और व्यक्ति के मृत होने संबंधी दस्तावेज दिए। इसके बाद मृतक के बेटे रोहित सापटे और अन्य लोगों पर कथित तौर पर चेनागांव के श्मशान में विजय सापटे का शव जला देने का आरोप है। पुलिस अब गोलीबारी, विजय सापटे की मौत और शव जलाए जाने के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। काशीगांव पुलिस स्टेशन में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले में सात नामजद व्यक्तियों के नाम जोड़े गए हैं, जिसमें महेश अनंत गायकर (52) निवासी चेनागांव, रोहित विजय सापटे (21), निवासी बेलकड़ी पाड़ा, चेनागांव (मृतक का बेटा), कल्पेश बंडू डगला (25)-निवासी बेलकड़ी पाड़ा,चेनागांव, कुणाल प्रभाकर शेलार (31)- निवासी, पाटीलपाड़ा,चेनागांव, घोड़बंदर रोड, काठोड बिस्तूर लाबड (55)-निवासी बेलकरपाड़ा, चेनागांव, घोड़बंदर रोड, प्रवीण बालू जाधव (55)- निवासी चेनागांव, घोड़बंदर रोड और डॉ. राजेश पांडुरंग पालांडे (56)-निवासी ग्रीन विलेज, काशीगांव, मीरा रोड पूर्व, जिला ठाणे शामिल हैं।

पुलिस ने महेश अनंत गायकर और काठोड बिस्तूर लाबड को गिरफ्तार किया है। बाकी नामजद व्यक्तियों के संबंध में मामले की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है।

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त परिमंडल-1 राहुल चव्हाण और सहायक पुलिस आयुक्त, मीरा रोड के मार्गदर्शन में की गई। फिलहाल, इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। शिकार के दौरान हुई गोलीबारी में विजय सापटे की मौत और उसके बाद शव जलाए जाने के आरोपों की जांच काशीगांव पुलिस कर रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी