मिलान शीतकालीन ओलंपिक : विदेशी धरती पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चीन ने रचा इतिहास
बीजिंग, 23 फरवरी (आईएएनएस)। इटली के वेरोना एरिना में सोमवार को मिलान-कॉर्टिना शीतकालीन ओलंपिक का भव्य समापन हुआ। चीन ने इस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदक जीते, जिसमें 5 स्वर्ण, 4 रजत, 6 कांस्य पदक शामिल रहे, जो विदेशी धरती पर आयोजित शीतकालीन ओलंपिक में चीन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इन पदकों की संख्या 2022 पेइचिंग ओलंपिक के बराबर है, जहां चीन ने 9 स्वर्ण सहित 15 पदक जीते थे।
चीनी खेल प्रतिनिधिमंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शन ने चार प्रमुख बातों को उजागर किया है: पदक जीतने वाले खेलों का विस्तार, समग्र शक्ति में वृद्धि, एथलीटों की प्रतिभा में बढ़ोतरी और युवा प्रतिभाओं का उदय।
लंबे समय से चीन में शीतकालीन खेलों में स्नो स्पोर्ट्स की तुलना में आइस स्पोर्ट्स का दबदबा रहा था। लेकिन, पेइचिंग ओलंपिक में पहली बार स्नो स्पोर्ट्स में अधिक स्वर्ण जीते गए। मिलान में भी यह ट्रेंड जारी रहा।
पदक विवरण पर नजर डालें तो चीनी टीम ने स्नो स्पोर्ट्स में 4 स्वर्ण, 3 रजत और 4 कांस्य का शानदार प्रदर्शन किया, जिनमें स्नोबोर्डिंग स्लोपस्टाइल में सू यिमिंग ने स्वर्ण पदक जीता।
फ्रीस्टाइल स्कीइंग महिला एरियल में शू मेंगथाओ ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साथ ही फ्रीस्टाइल स्कीइंग पुरुष एरियल में वांग शिन्दी अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पहले स्थान पर रहे। इसके अलावा फ्रीस्टाइल स्कीइंग महिला हाफपाइप में चीनी खिलाड़ी कु ऐलिंग ने स्वर्ण पदक की ओर छलांग लगाई।
उधर, आइस स्पोर्ट्स में पुरुषों की 1,500 मीटर स्पीड स्केटिंग स्पर्धा में चीनी स्पीड स्केटर निंग चोंगयेन ने 1 मिनट 41.98 सेकंड का समय निकालकर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि ओलंपिक रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। यह आइस स्पोर्ट्स में चीन का एकमात्र स्वर्ण पदक था।
जैसे ही मिलान ओलंपिक की मशाल बुझी, ओलंपिक ध्वज अगले मेजबान फ्रांस को सौंप दिया गया। चीन के लिए यह एक अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अब नजरें 2030 में फ्रेंच आल्प्स में होने वाले अगले शीतकालीन ओलंपिक पर टिकी हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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