मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान और यूक्रेन युद्ध पर सबकी नजर, ट्रंप के लिए शांति की दिशा में बढ़ना समझदारी: वीणा सीकरी
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा कि अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रंप को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने की आवाजें उठने लगी हैं। ऐसे मौके पर ट्रंप के लिए सबसे समझदारी भरा रास्ता यह हो सकता है कि वे रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की कोशिशें जारी रखें और साथ ही ईरान से जुड़े सैन्य तनाव को भी समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएं।
आईएएनएस के साथ चर्चा करते हुए पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति की बात करते रहे हैं। लंबे समय के नजरिये से देखें तो अगर वह रूस-यूक्रेन संघर्ष को रोकने और ईरान से जुड़े युद्ध को खत्म करने में सफल होते हैं, तो यह उनके लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कदम दुनियाभर में सकारात्मक रूप से देखा जाएगा और अमेरिका के भीतर भी उन्हें अच्छा समर्थन मिल सकता है क्योंकि आम तौर पर अमेरिकी जनता लंबे समय तक चलने वाले युद्धों के पक्ष में नहीं रहती।
पूर्व राजनयिक ने कहा कि विश्लेषकों का मानना है कि ईरान से जुड़ा संघर्ष चुनाव में एक बड़ा और अलोकप्रिय मुद्दा रहा है। कई सर्वेक्षणों में लोगों ने इस युद्ध को लेकर नाराजगी जताई है। आम लोगों की चिंता यह रही है कि युद्धों का असर अर्थव्यवस्था, ईंधन की कीमतों और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रंप के एमएजीए (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) आंदोलन की कुछ नीतियों पर भी चर्चा हो रही है। एमएजीए से जुड़े कई विचार अपेक्षाकृत अधिक रूढ़िवादी माने जाते हैं, जिनमें महिलाओं और सामाजिक मुद्दों से संबंधित कुछ नीतियां भी शामिल हैं। अब सवाल यह है कि चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप इन नीतियों में कोई बदलाव करेंगे या नहीं। फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप ईरान को लेकर अपनी मौजूदा रणनीति जारी रखेंगे या कुछ समय के लिए रुककर अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बैठकर आगे की दिशा तय करेंगे। यह फैसला आने वाले दिनों में काफी अहम माना जा रहा है।
वीणा सीकरी ने कहा कि आने वाले समय में सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि ट्रंप युद्ध, विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। क्या वे समझौते और शांति की दिशा में आगे बढ़ेंगे या अपनी मौजूदा नीतियों को जारी रखेंगे, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।
--आईएएनएस
एवाई/पीएम