मिडिल ईस्ट तनाव पर संजय निरुपम बोले- युद्ध समाधान नहीं, राज्यसभा चुनाव पर भी उठाए सवाल
मुंबई, 2 मार्च (आईएएनएस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध किसी भी विवाद का समाधान नहीं होता और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जिस प्रकार का माहौल बना हुआ है, वह बेहद चिंताजनक है। हालात को काबू में लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।
संजय निरुपम ने ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में भारी बमबारी और मिसाइल हमलों की खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद भारत के शिया मुसलमानों के बीच शोक का माहौल है। ऐसे संवेदनशील समय में गृह मंत्रालय द्वारा जारी हाई अलर्ट को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
शिवसेना नेता ने कहा,“राज्य सरकारों, खासकर महाराष्ट्र में पुलिस प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए, ताकि कोई असामाजिक तत्व माहौल का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित न कर सके।”
राज्यसभा चुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी में चल रही खींचतान पर निरुपम ने कहा, “जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आ जाते हैं। लोकसभा, विधानसभा और निगम चुनावों के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में गठबंधन की तीनों पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार के लिए दबाव बना रही हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार का नाम आगे कर रही है, वहीं उद्धव ठाकरे गुट और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी अपने दावे ठोक रही है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि गठबंधन में समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “तीनों दल अगर एकजुट होकर चुनाव लड़ें तो ही राज्यसभा में प्रतिनिधित्व संभव है, लेकिन आपसी खींचतान से किसी और को फायदा मिल सकता है।”
--आईएएनएस
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