मिडिल ईस्ट में ईरान-हूती का बढ़ा खतरा, अमेरिका ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट
वाशिंगटन, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान और हूती विद्रोहियों से खतरे का हवाला देते हुए मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
मिडिल ईस्ट में कई अमेरिकी दूतावासों ने एक जैसा सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है, जिसमें ईरान या यमन के हूती विद्रोंहियों की ओर से हमलों की आशंका जताई गई है।
एडवाइजरी में कहा गया है, "ईरान और उसके समर्थक समूह दुनिया भर में अमेरिका से जुड़े ठिकानों या अमेरिकी केंद्रों को निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी बिजनेस और अन्य संस्थान भी शामिल हो सकते हैं।"
अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वे "उड़ानें रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट की आशंका को लेकर सतर्क रहें" और "मौजूदा जटिल सुरक्षा हालात को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें।"
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों का जिक्र करते हुए एडवाइजरी में कहा गया है कि यह संघर्ष "तेजी से उस इलाके के बाहर भी फैल सकता है।"
भरोसा दिया गया है कि अमेरिकी नागरिकों के लिए नियमित और आपातकालीन कांसुलर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी; सहायता के लिए नजदीकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पिछली एडवाइजरी की ही तरह एक बार फिर सऊदी अरब में काम कर रहे अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए विशेष अनुमति लेने को कहा है।
अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को संभल कर काम करने की हिदायत दी गई है। उन पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्हें यमन सीमा से 20 मील के दायरे में जाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा जिजान, असीर, नजरान और कातिफ प्रांतों की यात्रा के लिए विशेष अनुमति लेने की जरूरत पर बल दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में सुरक्षा जोखिमों के कारण अमेरिकी सरकार की आपातकालीन सहायता देने की क्षमता सीमित है।
यह सुरक्षा एडवाइजरी मिडिल ईस्ट के 12 देशों के लिए जारी की गई है, जिनमें खाड़ी के अरब देश, जॉर्डन, इराक, सीरिया, लेबनान, इजरायल, यमन और ईरान शामिल हैं।
--आईएएनएस
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