फाल्गुन में ही जेठ जैसी तपिश, राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में पारा 30 डिग्री पार
फाल्गुन का महीना चल रहा है, लेकिन प्रदेश में मौसम ने जेठ की गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। राज्य के 20 से अधिक जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। तीखी धूप और बढ़ती गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
सबसे ज्यादा असर पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिल रहा है। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर सहित कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम होती दिखाई दे रही है और लोग धूप से बचने के उपाय करते नजर आ रहे हैं।
पश्चिमी इलाकों में ज्यादा असर
मरुस्थलीय क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक जरूर महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर में धूप चुभने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को भी बढ़ती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार होली के आसपास ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जो सामान्य से कुछ अधिक प्रतीत हो रही है।
अगले सप्ताह और बढ़ेगी गर्मी
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। विभाग ने अनुमान जताया है कि राज्य के कई हिस्सों में पारा 2 डिग्री सेल्सियस तक और चढ़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मार्च के मध्य तक गर्मी और तीखी हो सकती है।
स्वास्थ्य पर असर
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बढ़ती गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।