महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहीं, आर्टिकल 370 अब इतिहास: अल्ताफ ठाकुर
श्रीनगर, 28 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के आर्टिकल 370 को लेकर विरोध प्रदर्शन के आह्वान, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर की स्थिति, 'वंदे मातरम' बिल को लेकर मचे घमासान और कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से दी गई आंदोलन की चेतावनी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती का राजनीतिक एजेंडा पाकिस्तान के इशारों से प्रेरित है और उनका हालिया बयान केवल पीओजेके के मुद्दे से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटाने की कोशिश है।
आईएएनएस से बातचीत में अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान के निर्देशों पर काम कर रही हैं और जमात-ए-इस्लामी तथा तथाकथित हुर्रियत नेतृत्व को खुश करने का प्रयास कर रही हैं। वर्तमान समय में सबसे बड़ा मुद्दा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर की स्थिति है, जहां उनके अनुसार बड़ी संख्या में लोग हिंसा का शिकार हुए हैं और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। महबूबा मुफ्ती को 5 अगस्त को विरोध-प्रदर्शन की घोषणा करने के बजाय पीओजेके में रहने वाले लोगों की समस्याओं और उनके साथ हो रही कथित ज्यादतियों पर आवाज उठानी चाहिए थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीओजेके की स्थिति पर बढ़ते ध्यान को भटकाने के उद्देश्य से यह राजनीतिक बयान दिया गया है।
अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि आर्टिकल 370 अब अतीत का विषय बन चुका है और इसकी बहाली की मांग का कोई औचित्य नहीं है। महबूबा मुफ्ती स्वयं जानती हैं कि आर्टिकल 370 की वापसी संभव नहीं है, इसलिए इस तरह के बयान केवल राजनीतिक संदेश देने और माहौल बनाने के लिए दिए जा रहे हैं।
'वंदे मातरम' को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह भारत की संस्कृति, प्रकृति और गौरव का प्रतीक गीत है, जो देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। जो लोग राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान का सम्मान नहीं करते, उनके खिलाफ कानून होना चाहिए और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्र आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा केंद्र सरकार को दी गई चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि भाजपा छात्रों के भविष्य और उनके करियर के साथ खड़ी है। परीक्षा संबंधी मामलों में छात्रों की भावनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने जवाबदेही दिखाई और शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पेपर लीक जैसे अपराधों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। साथ ही, ऐसे मामलों की निगरानी और सुधार के लिए छह सदस्यीय टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है।
अल्ताफ ठाकुर ने आगे कहा कि भाजपा छात्रों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करती है, लेकिन यदि कोई छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना, दोनों सरकार की समान प्राथमिकताएं हैं।
--आईएएनएस
पीएसके