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महंगाई और आवास संकट को लेकर पुर्तगाल में जनाक्रोश, लिस्बन से पोर्टो तक सड़कों पर उतरे हजारों लोग

 

लिस्बन, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। इटली और फ्रांस की तरह पुर्तगाल में भी शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। आवास संकट, बढ़ते किराये और महंगाई को लेकर शुरू हुआ यह विरोध यूरोप के कई देशों में देखने को मिल रहा है। पुर्तगाल के लिस्बन समेत पोर्टो, कोयम्ब्रा और अन्य शहरों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

लोगों का कहना है कि घरों की कीमतें और किराया आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं, इसलिए सरकार को सस्ता आवास उपलब्ध कराने और बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

सिन्‍हुआ न्‍यूज की र‍िपोर्ट के अनुसार, लिस्बन में हजारों प्रदर्शनकारी शहर के केंद्र में जुटे। उन्होंने वहां तंबू लगाए और ऐसे बैनर लेकर प्रदर्शन किया जिनमें मांग की गई कि 'रियल एस्टेट में निवेश करने वाले बड़े फंडों' पर सख्त कानून बनाए जाएं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन फंडों की वजह से संपत्तियों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।

कुछ बैनरों में पोर्टो में गुरुवार तड़के हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र था। उस कार्रवाई में पुलिस ने आवास अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाया था। प्रदर्शनकारियों ने 'सिर मत फोड़ो, घर उपलब्ध कराओ' जैसे नारे लिखे हुए बैनर उठाए थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई में 37 लोग घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई।

न्‍यूज एजेंसी सिन्‍हुआ की र‍िपोर्ट के अनुसार, पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को 'किस्मत या मजबूरी" मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

राष्ट्रपति की वेबसाइट पर जारी एक संदेश में सेगुरो ने कहा कि पुर्तगाल में अभी भी लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के खतरे में जी रहे हैं। हालांकि, 2015 के बाद यह पहली बार है जब यह संख्या 20 लाख से नीचे आई है। उन्होंने कहा कि जरूरी सेवाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए और ज्यादा प्रयास किए जाने चाहिए।

ये प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि पुर्तगाल में लोग आवास की बढ़ती लागत को लेकर लगातार नाराज हो रहे हैं। यह यूरोप भर में चल रहे आवास अधिकार आंदोलनों का हिस्सा है। इसी तरह के प्रदर्शन हाल के दिनों में बेल्जियम, इटली, स्पेन और फ्रांस में भी देखने को मिले हैं।

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने शनिवार को कहा कि पूरे फ्रांस में हुए प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोग शामिल हुए। बढ़ती महंगाई के खिलाफ और छात्रों की मांगों के समर्थन में लोग सड़कों पर उतरे। वहीं इटली में भी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की सरकार के विरोध में छात्र, शिक्षक और ट्रेड यूनियन सड़कों पर उतर आए हैं, रोम सहित कई शहरों में स्कूलों पर कब्जा और पुलिस से झड़पें हुई हैं।

--आईएएनएस

एवाई/एएस