मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले अखिलेश यादव, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मेरठ, 11 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को मेरठ में हुई दलित छात्रा की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ कैराना से सपा सांसद इकरा हसन भी मौजूद थीं। अखिलेश यादव ने परिवार को न्याय दिलाने में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि न्याय की मांग कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराएं लगाई गईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब भाजपा के भाषण नहीं, न्याय चाहती है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जब वो खुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है।"
उन्होंने आगे लिखा, "मेरठ की बेटी के साथ हुए महा-अत्याचार व हत्या के बाद जिस तरह नामजद आरोपियों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा लगाया गया है, वो नाइंसाफी की पराकाष्ठा है। इससे भी अधिक गंभीर बात ये है कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उनके ही उच्चाधिकारी अन्याय और अपने अहंकार के अनवरत झापड़ आम जनता के गाल पर मार रहे हैं।"
सपा प्रमुख ने कहा कि पूरी दुनिया में वीडियो फैल चुका है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को खंडित कर रहा है। इससे वो पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा हैं, जो अपनी कर्तव्यपरायणता व आम जनता के प्रति संवेदनशील हैं और हमेशा मानवीय दृष्टिकोण से अपना काम करते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा। उन्होंने लिखा, "सच तो ये है कि जिस राज्य का मुख्य ही महिलाओं के साथ, विशेष रूप से एक युवा मृतक की शोक-संतप्त मां से सरेआम अभद्रता का वाचन करे, उसकी पुलिस से कोई भी उम्मीद करना बेमानी है। मस्तिष्क का आदेश ही, उंगलियां मानती हैं। अब जनता भाजपाइयों का भाषण सुनने के मूड में नहीं है।"
--आईएएनएस
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