एमसीयू का वातावरण संघ की विचारधारा से प्रभावित: कांग्रेस
भोपाल, 17 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए और कहा कि विश्वविद्यालय का वातावरण संघ की विचारधारा से प्रभावित है। एमसीयू में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
इसे लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा कि 18 से 20 अगस्त तक आयोजित नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम की वक्ताओं की सूची में बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित किया गया है, लेकिन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से किसी वक्ता का स्पष्ट प्रतिनिधित्व दिखाई नहीं देता। यह स्थिति बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
अहिरवार ने कहा कि पत्रकारिता एवं संचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में विद्यार्थियों को समाज के सभी वर्गों की आवाज और अनुभवों से परिचित कराना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। जब किसी सार्वजनिक विश्वविद्यालय के इतने बड़े कार्यक्रम में समाज के वंचित और ऐतिहासिक रूप से कम प्रतिनिधित्व वाले वर्गों को मंच पर स्थान नहीं मिलता तो कार्यक्रम की चयन प्रक्रिया और संस्थान की सामाजिक सोच पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि माखनलाल विश्वविद्यालय का पूरा वातावरण संघ की विचारधारा से प्रभावित दिखाई देता है और इसी मानसिकता का असर कार्यक्रम की वक्ता सूची में भी नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी सोच को महत्व दिया जाता तो कार्यक्रम में दलित और आदिवासी समाज से आने वाले पत्रकारों, शिक्षाविदों, लेखकों और विशेषज्ञों को भी विद्यार्थियों से संवाद का अवसर दिया जाता। यह सवाल किसी व्यक्ति विशेष की योग्यता पर नहीं, बल्कि वक्ताओं के चयन की प्रक्रिया और सामाजिक प्रतिनिधित्व की नीति पर है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समाज की बड़ी आबादी है। इसके बावजूद इन वर्गों की आवाज को विश्वविद्यालय के इतने महत्वपूर्ण मंच से दूर रखना गंभीर विषय है।
--आईएएनएस
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