मौलवियों की मुस्लिम समुदाय से अपील- सीजेपी के प्रदर्शन से बनाएं दूरी, सोशल मीडिया पर संदेश साझा करने से भी बचें
बरेली/नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित धरना प्रदर्शन से पहले मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से शामिल नहीं होने की अपील की है। मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी और उमर अहमद इलियासी ने मुस्लिम युवाओं और मस्जिदों के इमामों से प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से संबंधित संदेश साझा करने से भी बचने की अपील की।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि धरना प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन किसी को भी हिंसा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की।
मौलाना ने कहा कि सीजेपी के पिछले प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने युवाओं से सावधानी बरतने और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचने को कहा, जिससे उन्हें परेशानी हो सकती है।
उमर अहमद इलियासी ने भी 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर मुस्लिम समुदाय से अपील की। उन्होंने विशेष रूप से मस्जिदों के इमामों से अनुरोध किया कि वे मुस्लिम लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से बचने की सलाह दें।
उमर अहमद इलियासी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सभी को सावधानी से काम लेना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ताकतें देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर सकती हैं। कई राजनीतिक दलों ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है, लेकिन मुस्लिम समुदाय को इसमें भाग लेने से बचना चाहिए। राजनीतिक दल कई बार अपने हितों के लिए समुदायों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है तो उसे और उसके परिवार को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और जमानत मिलने में मुश्किल हो सकती है।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से भावनाओं में बहकर कोई भी कदम उठाने के बजाय समझदारी से काम लेने का आग्रह किया। युवाओं के साथ-साथ बच्चों को भी प्रदर्शन में नहीं भेजना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से संबंधित संदेशों को साझा करने से बचने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहना चाहिए, जिससे तनाव, हिंसा या दंगे जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका हो। देश में शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से मौजूदा परिस्थितियों में सतर्क रहने और ऐसा कोई कदम नहीं उठाने का आग्रह किया, जिससे उन्हें या उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़े।
--आईएएनएस
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