मऊ में सीटीईटी परीक्षा में बड़ी कार्रवाई, दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा ‘सॉल्वर’ गिरफ्तार
मऊ, 8 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के दौरान फर्जीवाड़े के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा था।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर पुलिस ने परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे एक सॉल्वर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता पर उठने वाले सवालों के बीच प्रशासन की सक्रियता भी सामने आई है।
यह मामला मऊ शहर के सहादतपुरा स्थित अमृत पब्लिक स्कूल का है, जहां सीटीईटी परीक्षा की प्रथम पाली आयोजित की जा रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध पाई गई। बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी सामने आने पर केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने संदिग्ध युवक से पूछताछ की, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि बलिया जनपद निवासी सुशील कुमार वर्मा, असली परीक्षार्थी सोना सम्राट मौर्या की जगह फर्जी दस्तावेजों के सहारे सीटीईटी परीक्षा दे रहा था। आरोपी ने पहचान छुपाने के लिए आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी कागजात का दुरुपयोग किया था।
पुलिस ने आरोपी सुशील कुमार वर्मा के कब्जे से आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और मूल अभ्यर्थी से संबंधित दस्तावेजों की फोटोकॉपी बरामद की है। प्राथमिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस मामले के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाने का काम करता है।
कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएमएस) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।
इस पूरे मामले का मुख्य अभियुक्त, असली परीक्षार्थी सोना सम्राट मौर्या फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
--आईएएनएस
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