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मातृभूमि का सम्मान करना गलत कैसे माना जा सकता है : यासर जिलानी

 

नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता यासर जिलानी ने केंद्र सरकार की वंदे मातरम गाइडलाइंस पर जमीयत उलमा-ए-हिंद द्वारा विरोध किए जाने पर कहा कि मातृभूमि का सम्मान करना गलत कैसे माना जा सकता है।

भाजपा नेता यासर जिलानी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत में या फिर दुनिया में कहीं भी मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं। अंग्रेजों के खिलाफ वंदे मातरम गाते हुए क्रांतिकारियों ने लड़ाई लड़ी और शहादत दी। क्या मदनी अपने बयानों से उन्हें गलत साबित कर रहे हैं। मातृभूमि का सम्मान करना गलत कैसे माना जा सकता है। यह कहना कि यह इस्लाम के खिलाफ है, मदनी अपने बयानों से गुमराह कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि वंदे मातरम के गायन को लेकर वह बेवजह मुसलमानों को भ्रमित कर रहे हैं। यह इस्लाम के खिलाफ कैसे गलत हो सकता है। सवाल यह है कि क्या मदनी ने उन लोगों के खिलाफ आवाज उठाई है, जो शराब पीते हैं, जिसे इस्लाम में हराम माना जाता है। मदनी सिर्फ भारत में नफरत फैलाना चाहते हैं। युवा मुसलमानों से कहना चाहूंगा कि वंदे मातरम को समझिए। यह राष्ट्रीय गीत है। यह समर्पण का भाव है। यह आपको धर्म से अलग नहीं कर रहा है।

मदनी अपने बयानों से सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं, नफरत फैलाना चाहते हैं।

यासर जिलानी ने कहा कि भारत में जो लोग खुद को सेक्युलर कहते हैं, खासकर तथाकथित कांग्रेस और विपक्षी नेता, वे लंबे समय से वंदे मातरम का विरोध करते आ रहे हैं। खासकर 2014 के बाद यह विरोध और बढ़ गया है। हालांकि, मातृभूमि का सम्मान करना किसी भी तरह से गलत नहीं माना जा सकता। कुछ मुस्लिम नेताओं द्वारा खास तौर पर कहा जा रहा है कि वे वंदे मातरम नहीं कहेंगे। अब यह अनिवार्य है 3 मिनट 10 सेकंड का राष्ट्रीय गीत पढ़ा जाएगा। भारत भूमि का वंदन करना कहां से गलत है। आप सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करेंगे तो यह मुसलमानों के साथ ठीक नहीं होगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम