मतदाता सूची से मृत लोगों का नाम हटाना उचित, ममता बनर्जी संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ बयान न दें: रामदास आठवले
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मतदाता सूची, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार है, लेकिन मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहना भी उचित नहीं है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि कई बार किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज रहता है, जबकि कुछ मामलों में जीवित और पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटे हुए मिलते हैं।
आठवले ने कहा कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना जरूरी है। मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाने चाहिए, वहीं जीवित और पात्र नागरिकों के नाम सूची में सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि उन्हें संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ बयान नहीं देना चाहिए। जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों के पश्चिम बंगाल पहुंचने पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई थी।
आठवले ने कहा कि देश में सभी संवैधानिक संस्थाओं को कानून और संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के बयानों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है और पश्चिम बंगाल की जनता का समर्थन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ होने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों पर अनावश्यक राजनीतिक विवाद नहीं होना चाहिए और सभी प्रक्रियाएं संवैधानिक व्यवस्था के तहत आगे बढ़नी चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद पर आठवले ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और राजनीतिक दल को अपनी मांग रखने तथा अपना पक्ष रखने का अधिकार है। यदि किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं तो संबंधित मामलों की जांच की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार यह देखेगी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में उनकी कथित भूमिका या स्थिति क्या रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए।
--आईएएनएस
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