'मतभेदों पर चर्चा जरूरी, बयानबाजी से काम नहीं चलेगा', शी जिनपिंग के भारत दौरे पर उदित राज
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे, भारत-चीन हवाई संपर्क में आई तेजी और कांग्रेस नेता हरीश रावत के इस्तीफे की अटकलों को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के लिए केवल मुलाकात और बयान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सीमा और व्यापार से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर बातचीत जरूरी है।
शी जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले दिए गए इस बयान पर कि दोनों देशों को मतभेदों को सही तरीके से संभालने की जरूरत है, उदित राज ने कहा कि यह सकारात्मक कदम है, लेकिन मतभेद दूर करने के लिए विवादित मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। अक्साई चिन, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े सीमा संबंधी मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि इन विषयों पर बातचीत नहीं होगी तो दोनों देशों के बीच वास्तविक प्रगति कैसे होगी। सीमा से जुड़े कई गंभीर सवाल अभी भी बने हुए हैं और सरकार को इन्हें बातचीत में प्रमुखता से उठाना चाहिए।
उदित राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और व्यक्तिगत छवि को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान अपनी छवि मजबूत करने पर अधिक रहता है और विशेषज्ञों की पर्याप्त भूमिका नहीं ली जाती। भारत-चीन व्यापार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की चीन पर निर्भरता लगातार बढ़ी है और व्यापार घाटा भी बड़ा है। चीन के साथ बातचीत में भारत को बेहतर सौदेबाजी की क्षमता दिखानी चाहिए और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि शी जिनपिंग की पिछली भारत यात्रा के दौरान बड़े निवेश और कारोबारी समझौतों की चर्चा हुई थी, लेकिन उनका अपेक्षित लाभ भारत को नहीं मिला। यदि चीन को भारत से आर्थिक लाभ मिल रहा है और भारत की निर्भरता बढ़ रही है तो इस संबंध में सरकार को अपनी रणनीति स्पष्ट करनी चाहिए।
भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क में आई तेजी को लेकर उदित राज ने कहा कि दोनों देशों के बीच उड़ानों को पूरी तरह बहाल करने में हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। पिछले वर्षों में दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क में व्यवधान आया था और कुछ शहरों के लिए उड़ानों को बाद में अनुमति दी गई। दोनों देशों के बीच व्यापारिक निर्भरता काफी अधिक है। चीन से कच्चा माल नहीं आने पर भारत के कुछ विनिर्माण क्षेत्रों पर भी असर पड़ सकता है।
उदित राज ने चीन से भारत आने वाली विभिन्न वस्तुओं का जिक्र करते हुए कहा कि त्योहारों, पूजा और सजावट से जुड़ी कई सामग्री भी चीन से आती है। उन्होंने इसी संदर्भ में सरकार के विश्व गुरु होने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति और दावों के बीच अंतर दिखाई देता है।
हरीश रावत के इस्तीफे की अटकलों को लेकर उदित राज ने कहा कि वह इस तरह के कदम से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रावत लंबे समय से सत्ता में नहीं हैं और यदि उनके कार्यकाल या उनके किसी निर्णय से संबंधित कोई जांच का विषय है तो उसकी जांच होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। किसी व्यक्ति से जुड़े कथित मामले के लिए पूरी कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार क्यों माना जाए।
उन्होंने हरीश रावत से अपील की कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे अनावश्यक रूप से पार्टी या उनकी अपनी छवि प्रभावित हो। यदि किसी व्यक्ति के पास आय से अधिक संपत्ति होने का संदेह है तो उसकी जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन इसका जिम्मेदार पूरी पार्टी को नहीं ठहराया जा सकता।
--आईएएनएस
पीएसके