माता भगवती देवी शर्मा और अखंड दीप के 100 वर्ष भारतीय संस्कृति का पूर्णांक वर्ष : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राजधानी नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज यहां पर हम पूजनीय गुरुदेव और वंदनीय माता भगवती के जीवनकाल के स्वर्णिम अध्याय को नमन करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखंड दीप के 100 वर्ष भारतीय संस्कृति के लिए एक प्रकार से पूर्णांक का वर्ष है। वंदनीय माता भगवती देवी ने स्वयं तप कर दूसरों को प्रकाश दिया। 100 वर्ष पहले प्रज्वलित हुई यह ज्योति 100 से ज्यादा देशों में 15 करोड़ से ज्यादा परिवारों में और अनेक मानवों के कल्याण की प्रतीक बनी है। इस शताब्दी वर्ष में 20 से 23 जनवरी तक हरिद्वार में मैं चार दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुआ था। आज इस यात्रा के अगले पड़ाव में दो महत्वपूर्ण आयोजन हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र संपूर्ण परिवर्तन का मार्ग है। यह केवल धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान नहीं है। गायत्री मंत्र के 24 अक्षर हमारी 24 शुभ ग्रंथियों के साथ सीधा संबंध रखते हैं। गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों को आधार मानकर अगर हम अपने गुरु से इसके शुद्ध उच्चारण के संस्कार लेकर हम 24 शुभ शक्तियों को जागृत करते हैं तो हमारे अंदर अशुभ शक्तियों का दमन होता है और शुभ शक्तियों का उद्भव होता है। ये 24 शुभ शक्तियां अनेक प्रकार के 24 शुभ गुणों के साथ जुड़ी हुई हैं, जैसे दूरदर्शिता, संयम, तप, साहस, विवेक, बुद्धि, रक्षा, उत्पादन, सेवा, ओजस, प्रेम और पराक्रम आदि। जिन व्यक्तियों में 24 शुभ गुणों का उदय होता है, उनका मोक्ष का मार्ग अपने आप प्रशस्त हो जाता है और ईश्वर हमें उस ओर ले जाता है।
उन्होंने कहा कि जब मैं कई यूनिवर्सिटी में जाता हूं और गायत्री मंत्र पर बात करता हूं, तो कई छात्र मुझसे कहते हैं कि हमें तो इसका मतलब ही मालूम नहीं है, तो हमें कैसे फायदा होगा। मैंने उनसे पूछा कि उनके माता या पिता में से किसी को डायबिटीज का रोग है तो कुछ ने अपने हाथ खड़े कर दिए। मैंने उनसे कहा कि क्या वो दवाई खाते हैं या इंसुलिन लेते हैं, तो उन्होंने कहा, हां, लेते हैं। मैंने उनसे पूछा कि क्या आपको मालूम है कि डायबिटीज की दवाई से यह बीमारी कैसे नियंत्रित होती है? तो वो बोले, ऐसा डॉक्टर ने कहा है। मैंने उनसे कहा कि पंडित राम शर्मा ने कहा है कि गायत्री मंत्र बोलने से 24 प्रकार की सद्ग्रंथिया जागृत होती हैं। इन ग्रंथियों का अंतःस्राव 24 सद्शक्तियों का विकास करता है। अगर यह प्रकिया आप मन से श्रद्धापूर्वक करेंगे तो इसके विज्ञान को जानने की जरूरत नहीं। इसके बाद कई छात्रों और युवाओं ने मुझे मेल करके बताया कि ऐसा करने से हमें और हमारे माता-पिता को काफी फायदा हुआ है।
--आईएएनएस
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