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मराठी भाषा विवाद पर बोले वारिस पठान- सरकार लोगों को सीखने का समय दें

 

मुंबई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कहा कि वह मराठी भाषा का सम्मान करते हैं, लेकिन ऑटो चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए समय देना चाहिए।

मुंबई में वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि हम मराठी भाषा का सम्मान करते हैं, लेकिन भारत एक धर्मनिरपेक्ष, बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक देश है। लोग अपने-अपने राज्यों में अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। भारत में मुंबई को सपनों का शहर माना जाता है, जहां लोग छोटे-मोटे काम करने, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने या छोटा-मोटा व्यापार करने आते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मुंबई में अपने परिवार का पेट पालने, पैसे कमाने और सम्मान व स्वाभिमान के साथ काम करने आते हैं। ऐसे में अचानक उन पर मराठी बोलने का दबाव डालना उचित नहीं है। अगर मराठी सीखना जरूरी किया जा रहा है तो लोगों को इसे सीखने के लिए समय भी दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर आप अचानक उन पर दबाव डालें और कहें कि उन्हें मराठी ही बोलनी होगी, तो कम से कम उन्हें सीखने का समय तो दीजिए। वक्त नहीं देंगे तो दिक्कतें पैदा होंगी। गरीब आदमी अगर जुर्माना भरेगा तो वह क्या खाएगा। बिहार से नेताओं के फोन आ रहे हैं और चालकों के चालान किए जाने तथा लोगों पर कार्रवाई किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने परिवहन मंत्री से इस मामले में लोगों को पर्याप्त समय देने की मांग की।

पठान ने कहा कि लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई से समस्या और बढ़ सकती है। बड़ी संख्या में लोग ऑटो नहीं चला रहे हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी हो रही है। सरकार को इस पूरे मामले में ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और लोगों को मराठी सीखने का पर्याप्त अवसर भी मिले।

महाराष्ट्र में गणेश जी की प्रतिमा के आगमन जुलूस के दौरान अंडे फेंके जाने की कथित घटना पर वारिस पठान ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी माहौल खराब करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों द्वारा की गई शर्मनाक हरकत की कड़ी निंदा करता हूं, जिन्होंने अंडे फेंके और माहौल खराब करने की कोशिश की। ऐसा नहीं होना चाहिए। किसी को भी ऐसा व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।

वारिस पठान ने बताया कि उन्होंने पुलिस प्रशासन से बात की है और पुलिस की ओर से उन्हें एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई की जाएगी और जो भी इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

अमरावती में हुई घटना पर वारिस पठान ने दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है। उन्होंने नवजात बच्चे की मौत पर संवेदना व्यक्त की और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। सरकार को अस्पतालों में सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां और पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार को इस तरह के मामलों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

--आईएएनएस

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