मंत्री बनने के बाद अग्निमित्रा पॉल की मजाकिया टिप्पणी, हम मछली-चावल के बिना नहीं रह सकते
कोलकाता, 10 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के विजन के बारे में बताया। इस दौरान नॉनवेज खाने को लेकर भी उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि हम मछली-चावल के बिना नहीं रह सकते, काम ही नहीं कर पाएंगे।
कोलकाता में आईएएनएस से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि बंगाली लोग बिना मछली के कैसे रहेंगे, ठीक वैसे ही जैसे मछली बिना पानी के जीवित नहीं रह सकती। हम बंगाली हैं। चाहे चिकन हो या मटन, हमें कुछ भी दे दीजिए, लेकिन बिना मछली और चावल के हम नहीं रह सकते। हम तो ठीक से काम भी नहीं कर पाएंगे।
विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी ने दावा किया था कि अगर भाजपा की सरकार बनी, तो नॉनवेज खाने पर प्रतिबंध लगा देगी, लेकिन, मंत्री अग्निमित्रा पॉल के इस बयान ने तस्वीर साफ कर दी है कि नॉनवेज पर कोई पाबंदी नहीं।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को सुधारना है, क्योंकि महिलाओं और आम लोगों के खिलाफ होने वाले अत्याचार, सभी कानून-व्यवस्था की स्थिति से ही जुड़े हुए हैं। पिछले 15 वर्षों में और उससे पहले लेफ्ट फ्रंट के 34 वर्षों के शासन के दौरान भी, कानून-व्यवस्था की स्थिति कभी ठीक नहीं रही। पुलिस व्यवस्था पूरी तरह से राजनीतिकरण का शिकार हो चुकी है। इससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में ऐसे अत्याचार दोबारा न हों, निवारक उपाय लागू किए जाएंगे।
भाजपा विधायक ने कहा, "हर पुलिस थाने में एक 'महिला हेल्प डेस्क' स्थापित की जाएगी और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक किया जाएगा। केंद्र की ओर से पीएम आवास योजना के तहत जो लाभ यहां की जनता को नहीं मिल पाया, वह दिलवाना है। लोगों को घर, नल-शौचालय की सुविधा मुहैया करानी है। बंद पड़े स्कूलों को शुरू करवाना है। अस्पतालों की स्थिति को बेहतर करना है।
मंत्री बनने की अपनी भावनाओं को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस एहसास को शब्दों में बयां करना सचमुच मुश्किल है। छोटे से शहर आसनसोल से निकलकर आज कोलकाता तक पहुंचना, अब भी मैं इस उपलब्धि को पूरी तरह से महसूस नहीं कर पा रही हूं। मैं एक बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवार से आती हूं। मैं भी किसी आम महिला जैसी ही हूं, मुझमें कुछ भी खास नहीं है, लेकिन आज हमारे शीर्ष नेतृत्व और पीएम मोदी के आशीर्वाद से, और आसनसोल दक्षिण के समर्थन से मैं इस मुकाम तक पहुंची हूं। प्रधानमंत्री के साथ मिलकर काम करना हमेशा से मेरा सपना रहा है। जिस मंच पर पीएम मोदी, कई राज्यों के सीएम, केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं, वहां पर मैंने शपथ ली।
भाजपा कार्यकर्ताओं को याद करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह सिर्फ सबक सिखाने की बात नहीं है, न ही सिर्फ सीख देने की। जब हम सरकार में नहीं थे, तो हमारी पार्टी के 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई थी। वे हमारे परिवार का हिस्सा थे, इसलिए स्वाभाविक रूप से गुस्सा तो होगा ही। उस समय यह कहा गया था कि बदला भी लिया जाएगा और बदलाव भी आएगा, लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोई बदला नहीं लिया जाएगा, सिर्फ बदलाव आएगा। सत्ता में आने के बाद जिम्मेदारी बढ़ जाती है। अब मंत्री हर किसी के लिए हैं, अब मुख्यमंत्री हर किसी के लिए हैं, इसलिए हर किसी का ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि डर को निकालें और आत्मविश्वास को भीतर लाएं। प्रधानमंत्री ने पहले दिन से ही कहा है कि भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। हम किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इससे निपटने के लिए जो भी जरूरी होगा, हम वह सब करेंगे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी हमें मार्गदर्शन देंगे कि काम कैसे करना है और क्या-क्या किए जाने की जरूरत है।
ममता बनर्जी के विपक्ष के एक साथ आने के आह्वान पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कहा कि अगर यह काम 2011 में किया गया होता, जब आप मुख्यमंत्री बनी थीं, तो लोग इस पर यकीन करते। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों को बहुत गहरी ठेस पहुंचाई है। जिस तरह से हिंदू-मुस्लिम, हिंदू-मुस्लिम, बंगाली-गैर-बंगाली के नाम पर बंटवारे की राजनीति की गई, लोगों ने यह सब देखा है और इसीलिए आज आपको ऐसे दिन का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने भाजपा सरकार के आगे की योजना के बारे में कहा कि अभी मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकती, क्योंकि हमारी टीम के लीडर हमारे नेता, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और हम सभी 'टीम मोदी' का हिस्सा हैं। हम पश्चिम बंगाल को आगे ले जाने की दिशा में उनके मार्गदर्शन में काम करेंगे। शायद 11 मई को हमारी पहली कैबिनेट बैठक होगी, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बैठक के बाद हमें मार्गदर्शन मिलेगा कि हमें कैसे और किस दिशा में काम करना चाहिए।
--आईएएनएस
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